आपने रोबोट्स को लेकर कई तरह की खबरे सुनी होगी. लेकिन क्या कभी आपने एक ऐसे रोबोट के बारे में सुना है जो कि जिंदा रोबोट की श्रेणी में आता है. जी हां चौकिए मत ये खबर सच है. अमेरिका के वैज्ञानिकों ने एक ऐसे रोबोट का अविष्कार किया है जो कि न ही कोई मशीन है और न ही किसी जानवर की नई प्रजाति बल्कि ये एक जिंदा रोबोट है. बता दें अमेंरिका के वैज्ञानिकों ने इस रोबोट को मेंढक के स्टेम सेल से बनाया है. जो कि अपने किसी भी अंग के खराब होने पर अपने आप ही उसे ठीक कर लेता है या उससे अलग हो जाता है. और तो और ये रोबोट अपने आप ही अनंतकाल तक जिंदा रह सकता है.

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मनुष्य की बॉडी में कहीं भी आसानी से जा सकता है. और जरूरत पड़ने पर अपने आप को खुद ही खत्म कर सकता है. अगर आपको ये किसी रोबोटिक फिल्म की कहानी लग रही है तो आपको बता दें कि ये सच है. अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एक ऐसी चीज को सच कर दिखाया है. जिसे हम और आप सिर्फ सपनो में ही सोच सकते हैं. बता दें कि इस रोबोट को कंप्यूटर की एक अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है. जिसका साइज एक मिलीमीटर से भी 25 गुना छोटा है. जिसके चलते ये एक गुलाबी पंखुड़ी की तरह दिखाई देता है.

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इन्हें एक्सनोबॉट भी कहा जा रहा है. वैज्ञानिकों के एक ग्रुप ने मेंढक भ्रूण की जीवित कोशिकाओं को दूसरे नए जीवन-रूपों के तौर पर इस्तेमाल करने में सफलता हासिल की है. इस रोबॉट को ‘जीवित प्रोग्राम करने लायक जीव’ के तौर पर बताया जा रहा है.

इस नए बनाए रोबॉट को ‘एक्सनोबॉट्स’ का नाम दिया गया है. इसका इस्तेमाल मेडिकल साइंस के क्षेत्र में किया जाएगा. इस रोबॉट के जरिए रोगी के शरीर के अंदर दवा ले जाने या इस तरह के दूसरे कामों को आसानी से किया जा सकेगा. आपने वो कहावत तो सुनी ही होगी कि देखन में छोटो लागे लेकिन घाव करे गंभीर. इसी तरह ये रोबोट देखने में भले ही छोटा है लेकिन इसके काम गंभीर होने के साथ-साथ काफी फायदेमंद है.

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