नागरिकता संशोधन कानून को लेकर गहमा-गहमी के बीच कई राज्यों में इस कानून के विरोध में दंगे भी हुए. इसी कड़ी में जनता में CAA और NRC को लेकर भ्रम भी फैलाया गया. जिसके बाद सरकार NRC को लेकर बैकफुट पर चली गई और NPR को लागू करने की योजना बनाई. लेकिन NPR को लेकर विपक्ष की तरफ से कहा गया कि ये NPR नहीं बल्कि NRC का ही दूसरा रूप है. उसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति रॉय ने सीएए और एनपीआर का कड़ा विरोध जताते हुए विवादित बयान दिया था. और कहा था कि NPR से ही NRC का डेटाबेस बनेगा. अगर कोई भी आपसे NPR को लेकर आपका नाम पूछे तो अपना नाम रंगा बिल्ला बता देना. जिसके बाद उनके इस बयान को लेकर बवाल खड़ा हो गया था. इसी कड़ी में अब एक ऐसी खबर आई है जिससे मैडम अरूंधति को दुख पहुच सकता है. जी हां गलत जानकारी देने की सीख देने वाली अरूंधति के लिए सरकार ने एक नया ऐलान किया है.

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अगर आप भी मैडम अरूंधति को फालो करते हैं तो आपको झटका लगने वाला है. अगर आपने NPR के तहत पूछे गए सवालों की गलत जानकारी दी तो आपको जुर्माना देना पड़ सकता है. बता दें कि सरकार की तरफ से साफ कर दिया गया है कि NPR यानि कि NATIONAL POPULATION REGISTER के तहत पूछे गए सभी सवालों का सही-सही जवाब देना अनिवार्य है. हालांकि सरकार की तरफ से पहले ही साफ कर दिया गया था कि NPR में किसी तरह के कोई दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे. जो आप कहेंगे उसे ही सच माना जाएगा.

ऐसे में जनता से उम्मीद की जा रही है कि आप हर सवाल का सही जवाब देंगे. क्योंकि अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको गलत जवाब देने पर एक हजार रूपए का जुर्माना देना होगा. बता दें कि इसे 2010 में ही लागू कर दिया गया था. लेकिन अब तक किसी भी व्यक्ति से इस जुर्माने को वसूला नहीं गया है. हालांकि अब अगर कोई जनगणना कर्मी इसका बहिष्कार करता है तो उसे तीन साल तक की सजा का प्रावधान भी किया गया है.

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गौरतलब है कि NPR के सिलसिले में पहले प्री सर्वे कराया जा चुका है. जिसमें लोगों ने बेझिझक जवाब दिए थे. लेकिन PAN नंबर और माता-पिता की जन्मतिथी बताने पर आपत्ति जताई थी. जिसके चलते इन सवालों को NPR के 18 सवालों में शामिल नहीं किया गया है.

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