50 सालों के अपने इतिहास में इसरो ने कई कीर्तिमान स्थापित करने का काम किया है. चंद्रयान-2 मिशन हो या फिर कि 100 से अधिक उपग्रह का एक साथ लांच, कम संसाधनों के बावजूद इसरो ने हर बार अपने काम का लोहा मनवाया है. ISRO ने साल दर साल सबको चौकाने का काम किया है. बता दें कि इसरो दुनिया की टॉप फाइव स्पेस एजेंसियों में शुमार है, जिसकी देखरेख अंतरिक्ष विभाग के अंतर्गत की जाती है. अब इसी कड़ी में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र 17 जनवरी को एक नया इतिहास रचने जा रहा है. बता दें कि इसरो देश का सबसे ताकतवर संचार उपग्रह लांच करने की तैयारी कर रहा है. इस उपग्रह के लांच के बाद से देश की संचार व्यवस्था और भी ज्यादा मजबूत हो जाएगी. और तो और इससे पूरे देश में फैले मोबाइल नेटवर्क के इंटरनेट में भी तेजी आएगी.

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बता दें कि इस उपग्रह के लांच के साथ ही उन जगहों पर भी मोबाइल को इस्तेमाल करने की सुविधा मिलेगी जहां अभी तक मोबाइल उपलब्ध नहीं है. बता दें कि देश का पुराना संचार उपग्रह इनसैट सैटेलाइट की उम्र अब पूरी हो रही है. इसी कड़ी में देश में अब इंटरनेट की नई टेक्नोलॉजी आ रही है. ऑप्टिकल फाइबर बिछाए जा रहे हैं. इसी कड़ी में एक दमदार नेटवर्क की जरूरत थी जिसके लिए ये उपग्रह काफी किफायती साबित होगा.

बता दें कि इस उपग्रह का नाम GSAT-30 है जो कि जीसैट सीरीज का बेहद ताकतवर संचार उपग्रह है. जिसकी मदद से देश की संचार प्रणाली में काफी ज्यादा इजाफा होगा. और तो और इसकी मदद से देश की संचार प्रणाली, टीवी ब्रॉडकास्ट, सैटेलाइट के जरिए न्यूज ब्रॉडकास्ट, मौसम जानकारी, भविष्यवाणी, आपदा प्रबंधन, सूचना-खोजबीन और रेस्क्यू ऑपरेशन में भी मदद मिलेगी. बता दें कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के नए संचार उपग्रह जीसैट-30 का प्रक्षेपण एरियन-5 लॉन्च व्हैकल से 17 जनवरी को किया जाएगा. यह प्रक्षेपण फ्रेंच गुएना के कोउरू शहर से तड़के 2.35 बजे किया जाएगा. इसी कड़ी में ये 2020 का पहला मिशन होगा जिसे लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

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