नागरिकता कानून आने के बाद से भारत के प्रति भ्रम फैलाया जा रहा है कि भारत मुस्लिम विरोधी हो चुका है. बीजेपी सरकार मुस्लिम विरोधी है और वो किसी मुस्लिम को चैन से नहीं रहने देगी. जहां एक तरफ देश को मुस्लिम और हिंदू के खेमों में बांटने की कोशिश की जा रही है तो उसी बीच एक ऐसी खबर आई है जिसने देश की धर्मनिरपेक्षता पर चार चांद लगाने के साथ-साथ महिलाओं का सिर भी गर्व से ऊंचा किया है. आपने अकसर यूपी की योगी सरकार पर आरोप लगते हुए देखा होगा कि ये सरकार हिंदूत्ववादी है और इस सरकार मे सब भगवामय हो करने की कोशिश की जा रही है. और तो और सीएम योगी पर अपनी सरकार में मुस्लिमों के साथ दुरव्यवहार करने के आरोप तक लगे थे. लेकिन इस खबर ने योगी और बीजेपी विरोधियों के मुंह पर ताला लगाने का काम किया है.

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बता दें कि योगी की कर्मभूमि  गोरखपुर की मुस्लिम बेटी ऐमन जमाल ने अपनी मेहनत से वो मुकाम हासिल करने का काम किया है जहां पहुंचने का लोग सिर्फ सपना ही देखते हैं.  बता दें कि जमाल ने पढ़ाई में होनहार न होने के बावजूद भी सफलता के मुकाम हासिल किए हैं. ऐमन जमाल को बिहार लोक सेवा आयोग में राजस्व अधिकारी का पद भी ऑफर हुआ था लेकिन उन्होंने नियुक्ति नहीं ली. आइए जमाल की सफलता की कहानी पर एक नजर डालते हैं.

बता दें कि जमाल ने साल 2019 में संघ लोक सेवा आयोग में भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा दी थी. जिसमें उनका चयन 499 रैंक के साथ हो गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ऐमन जमाल का भारतीय पुलिस सेवा में चयन होने पर शुभकामनाएं दीं और उन्हें मुस्लिम लड़कियों के लिए रोल मॉडल बताया.

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शहर के खूनीपुर मोहल्ले की ऐमन जमाल ने प्राथमिक से 12वीं कक्षा तक कार्मल गर्ल्स इंटर कॉलेज में पढ़ाई की. यहां उन्होंने साल 2004 में मात्र 63% नंबरों से हाईस्कूल और साल 2006 में (उनहत्तर) 69 प्रतिशत अंकों के साथ इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की है. तो वहीं सेंट एंड्रयूज कॉलेज से जंतु विज्ञान विषय से 2010 में ग्रेजुएशन किया. इसके बाद जमाल ने साल 2016 में अन्नामलाई विश्वविद्यालय से करपॉडेंट HRD में डिप्लोमा किया. जिसके बाद उनकी इस सफलता ने नए कीर्तिमान स्थापित करने का काम किया है.

 

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