दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी सेना भारतीय सेना आज अपना 72वां थल सेना दिवस मना रही है. हम हर साल बड़ी धूमधाम से 15 जनवरी को थल सेना दिवस को दिल्ली के परेड ग्राउंड में मनाते हैं. इस दिन आर्मी डे परेड को भी आयोजित किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस बार के सेना दिवस में काफी कुछ खास है. इस साल का थल सेना दिवस हर साल के सेना दिवस से कुछ अलग है. इस बार की सबसे बड़ी खासियत की बात करें तो इस बार कुछ ऐसा होने वाला है जो कि कभी नहीं हुआ है. जी हां पहली बार परेड के दौरान पुरूषों के दल को एक महिला लीड करेगी. ये खबर महिलाओं के सम्मान को और भी ज्यादा बढ़ाने के लिए काफी अहम है.

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बता दें कि सेना दिवस के इतिहास में ये पहला मौका है जब एक महिला परेड का नेतृत्व करेगी. अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा आखिर ये महिला है कौन. तो आपको बता दें कि इनका नाम तानिया शेरगिल है. तानिया शेरगिल चौथी पीढ़ी की महिला सैन्य अफसर हैं. तानिया के पिता, दादा और परदादा ने भारत की आर्मी में अपना योगदान दे चुके हैं. इलेक्ट्रानिक्स में बीटेक कर चुकीं तानिया 2017 में चेन्नई के ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी से सेना में शामिल हुई. बता दें कि सेना दिवस पर परेड को लीड करने के साथ ही तानिया इस साल गणतंत्र दिवस की परेड में पहली महिला परेड सहायक के तौर पर भी तैनात की गई हैं.

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इससे पहले साल 2019 की गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार पुरूषों के कंटिंजेंट को लीड करने वाली भी एक महिला थी जिनका नाम कैप्टन भावना कस्तूरी है. आपको बता दें कि इस साल आर्मी परेड की एक खास बात और है कि इस बार तीनों सेना प्रमुखों के साथ-साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ बिपिन रावत भी इस परेड में शामिल होंगे. बता दें कि हर साल दिल्ली के करियप्पा ग्राउंड में आर्मी डे को सेलिब्रेट किया जाता है.

ऐसे में आपके मन में ये सवाल तो जरूर उठता होगा की इस ग्राउंड को करियप्पा ग्राउंड ही क्यों कहा जाता है और हर साल 15 जनवरी को क्यों आर्मी दिवस मनाया जाता है.

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हर साल 15 जनवरी को भारतीय थल सेना दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि आज ही के दिन 1949 में फील्ड मार्शल केएम करियप्पा ने जनरल फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना की कमान संभाली थी. फ्रांसिस बुचर भारत के अंतिम ब्रिटिश कमांडर इन चीफ थे. इसी कड़ी में आजादी के बाद कार्यभार संभालने के चलते केएम करियप्पा को भारतीय आर्मी के पहले कमांडर इन चीफ बने.  इसी वजह से हर साल 15 जनवरी को करियप्पा ग्राउंड में हर साल आर्मी डे मनाया जाता है. इस दिन पूरा देश थल सेना के अदम्य साहस, उनकी वीरता, शौर्य और उसकी कुर्बानी को याद करता है.

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