आज बीजेपी ने अपने सबसे ताकतवर पद यानि कि अध्यक्ष पद की कमान जेपी नड्डा के हाथों में दी है. वैसे तो इस पद की शान अमित शाह के आने के बाद से इतनी ज्यादा बढ़ी कि अमित शाह को भारतीय राजनीति का चाणक्य कहा जाने लगा. और तो और जब जेपी नड्डा ने कमान संभाली तो उन्हें बीजेपी के नए शाह के नाम से संबोधित किया जाने लगा. बता दें कि अमित शाह के अध्यक्ष बनने के बाद से इस पद को बीजेपी के बॉस का पद भी कहा जाता है. और अब इस पद की कमान जेपी नड्डा यानी जगत प्रकाश नड्डा ने संभाल ली है. बता दें कि उनकी ताजपोशी के दौरान केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी रही.

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गौरतलब है कि जेपी नड्डा को निर्विरोध ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर चुना गया है. आइए आपको सुनाते हैं उन जेपी नड्डा की कहानी जो कि आने वाले समय में बीजेपी की राष्ट्रीय पहचान बन गए हैं. बता दें कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में अमित शाह के गृहमंत्री बनने के बाद से पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नड्डा को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया था. गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में जेपी नड्डा यूपी के चुनाव अभियान के प्रभारी थे. जहां बीजेपी ने बसपा-सपा गठबंधन के बावजूद 80 में से 62 सीटों पर जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक क्षमता को साबित किया था. अगर जेपी नड्डा के जीवन की बात करें तो उनका नाम हिमाचल प्रदेश और बिहार दोनों जगहों से जोड़ा जाता है. दरअसल जेपी नड्डा का जन्म बिहार की राजधानी पटना में 2 दिसंबर को 1960 में हुआ था.

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जहां उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से बीए की डिग्री ली जिसके बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश से एलएलबी की उपाधी भी हासिल की थी. बता दें कि अपने असल जीवन में नड्डा, जय प्रकाश नारायण से काफी ज्यादा प्रभावित थे. जेपी नड्डा के नेतृत्व में एबीवीपी ने 1984 में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में वामपंथी छात्र संगठन को हराया और छात्र संघ के अध्यक्ष बने. तो वहीं 1991 में उन्होंने बीजेपी युवा मोर्चा अध्यक्ष का पद संभाला. जिसके बाद वो पहली बार 1993 में हिमाचल प्रदेश से विधायक बने.

बीजेपी की पहली सरकार में यानि कि 1998 में स्वास्थ्य और संसदीय मामलों के मंत्री का पद संभाला. इसके बाद वो लगातार कई किर्तीमान स्थापित करते चले गए. 2010 में पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री बनाया तो वहीं 2012 में जेपी नड्डा राज्यसभा सांसद बन गए.  साल 2014 में पार्टी ने संसदीय समिति का सचिव नियुक्त हुए तो 2014 में पीएम मोदी ने उन्हें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का दायित्व संभाला. इसी कड़ी में अब वो बीजेपी के सबसे चर्चित और सबसे जिम्मेदार पद राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर पहुंच चुके हैं. जिस पद पर पहले ही अमित शाह ने इतिहास रचने का काम कर चुके हैं. अब ऐसे में अमित शाह के कार्यकाल को देखते हुए जेपी नड्डा के सामने कई चुनौतियां है. वैसे देखा जाए तो जिस तरह के राजनीतिक ग्राफ से जेपी नड्डा आते हैं. उनके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की चुनौती कोई बड़ी बात नहीं है.

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