सीएए कानून को लेकर विपक्षी पार्टी विरोध कर रही है, 20 विपक्षी दलों ने नागरिकता संशोधित कानून को वापस लेने और राष्ट्रीय नागरिकता पंजीकरण पर रोक लगाने की मांग की है। विपक्षी दलों ने कहा कि वो सभी मुख्यमंत्री राष्ट्रीय जनंसख्या रजिस्टर की प्रक्रिया को निलबिंत करें जिन्होंने अपने राज्यों में एनआरसी लागू नहीं करने की घोषणा की है।

CAA Meeting

काग्रेंस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गई विपक्षी दलों की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया। अर्थव्यवस्था, रोजगार और किसानों की स्थिति व सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई और जेएनयू व कुछ अन्य विश्वविद्यालयों में छात्रों पर हमले को लेकर चिंता प्रकट की गई। इन पार्टियों ने प्रस्ताव में कहा कि हम नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से अर्थव्यवस्था का पूरी तरह प्रबंधन नहीं किए जाने के कारण बड़ी संख्या में लोगों के सामने पैदा हुई जीविका की खतरनाक स्थिति को लेकर अपनी चिंता प्रकट करते हुए कहा है, कि उन्होंने आरोप लगाया है कि अर्थव्यवस्था की स्थिति में सुधार करने की बजाय सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है। विपक्षी दलों ने कहा कि सीएए, एनपीआर और एआरसी एक ही पैकेज है।

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राहुल ने किया विरोध

Rahul Gandhi

आपको बता दें, कि इस पर राहुल गांधी ने भी कई मुद्दों पर सरकार को घेरा है। बैठक के बाद मीडिया से बातचीतमें राहुल ने कहा कि युवाओं की समस्या से निपटने की बजाय लोगों के बांटने में जुटी है। युवाओं की शिकायत जायज है। इन्हे दबाया नहीं जाना चाहिए। सरकार को इनकी आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री को यूनिवर्सिटी जाने की चुनौती देता हूं।

ममता ने भी किया विरोध

Mamta Banerjee

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को साफ शब्दों में कहा कि अगर ज़रुरत पड़ी तो वह अकेले लडेगी। सदम में ही उन्होंने विश्वविद्यालय परिसरों में हिंसा और सीएए के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा 13 जनवरी को बुलाई गई विपक्षी दलों की बैठक के बहिष्कार की घोषणा की थी।

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