नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी को लेकर बहस अभी जारी ही थी कि केंद्र सरकार ने नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर यानी एनपीआर को अपडेट करने को मंज़ूरी दे दी। देश में नागरिकता कानून संशोधन बिल को लेकर प्रदर्शन अभी शांत ही नहीं हुआ था कि बीजेपी सरकार NPR (नेशनल पॉप्युलेशन रजिस्टर) को अपडेट करने की मंजूरी दी हैं।

Soniya Gandhi and Rahul Gandhi

आपको बता दें, कि एनपीआर को अपडेट करने के लिए सरकार ने प्रस्ताव जारी किया है कि एनपीआर के तहत सभी देशवासियों का डेटा अपडेट किया जाएगा। इसी को लेकर काग्रेंस सरकार ने इस पर नए सवाल खड़ें कर दिए है उनका कहना है कि सरकार का इरादा एनआरसी लाने के बाद अब एनपीआर का हो गया है। इतना ही नहीं, कांग्रेस के नेताओं के अलावा एआईएमआईएम नेता और हैदराबाद के सांसद असुदउद्दीन ओवैसी ने भी इस पर सवाल उठाएं है।

जरुर पढ़ें:  दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020: केजरीवाल के खिलाफ शीला दीक्षित की बेटी
Asaduddin owaisi

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हाल ही में ANI को दिए इंटरव्यू में कहा कि एनआरसी और एनआरपी में कोई संबंध नहीं है। वही, पूर्व वित्त मंत्री रहे चुके पी. चिदंबरम का एक वीडियो भी ट्वीट किया है। जिसमे वह बता रहे है, कि मानव इतिहास में पहली बार 120 करोड़ लोगों की पहचान करने उनकी गिनती करने और फिर पहचान पत्र देने का काम शुरु किया जाएगा।

P. Chidambaram

हालांकि, विपक्षी पार्टी इसका विरोध कर रही है। हाल में जानी-मानी लेखिका अरुंधति राय ने भी सरकार के इस प्रस्ताव का जमकर विरोध किया है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि कोई आपसे नाम पूछे तो, रंगा-बिल्ली और पता रेस कोर्स बताएं। इतना ही नहीं, कांग्रेस की ओर से एनपीआर को मंजूदी देने के टाइमिंग को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। लेकिन, इन विरोधों के साथ कांग्रेस सवालों के घेरों में खड़ी हुई हैं।

जरुर पढ़ें:  निर्भया के दो दोषियों की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज, फांसी का रास्ता साफ
Home Minister Amit Shah

आपको बता दें, कि साल 2011 में कांग्रेस के सत्ता में रहते हुए खुद उन्होंने नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर को तैयार किया था और ये उनकी सरकार के दौरान भी लाया गया था। लेकिन, कांग्रेस एनपीआर लाए जाने को लेकर बीजेपी की मंशा पर सवाल उठा रही है। बता दें, कि 2011 में एनपीआर लागू करने के वक्त गृह मंत्री अजय माकन केंद्रीय गृहमंत्री थे और 2011 की जनगणना कार्यक्रम के प्रमुख थे। उनका कहना है कि..

“हमने भी 2011 में एनपीआर किया था, लेकिन इसे कभी एनआरसी तक नहीं ले गए ”

बता दें कि भारतीय जनता पार्टी इन्ही बतों का पलटवार करते हुए खुद कांग्रेस पर सवाल खडे कर रही है कि जिस एनपीआर का कांग्रेस पार्टी विरोध कर रही है। सत्ता में रहते हुए खुद उसने उसे लागू किया था।

Loading...