निर्भया गैंगरेप मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने से मना कर दिया, जिसमें दोषियों को फांसी पर लटकाने के लिए डेथ वारंट जारी किया गया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने निचली अदालत जाने के लिए कहा है। कोर्ट ने कहा कि मामले को लटकाने के मकसद से देरी की गई। कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि याचिका का मकसद केस को लंबा खींचना है।

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट से कहा था कि निर्भया केस के दोषियों को 22 जनवरी को फांसी नहीं दी सकती, क्योंकि उनमें से एक ने राष्ट्रपति के पास दया की याचिका भेजी है। तिहाड़ जेल की ओर से पेश हुए वकील राहुल मेहरा ने कोर्ट में कहा कि दया याचिका खारिज होने के बाद दोषियों को 14 दिनों का समय दिया जाता है।

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