देश के सबसे बड़े राजनीतिक दल कांग्रेस की हालत आए दिन बद से बदत्तर होती चली जा रही है. कांग्रेस सत्ता तो क्या एक मजबूत विपक्ष के तौर पर भी काम नहीं कर पा रही है. मौजूदा हालात की बात करें तो जहां एक तरफ कांग्रेस CAA का विरोध कर रही है तो वहीं उसकी ही पार्टी के कई नेता CAA का समर्थन करते नजर आ रहे हैं. जी हां कांग्रेस CAA के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश कर रही है. लेकिन CAA विरोध में कांग्रेस के अपने नेताओं की ही एकजुटता बिखरती जा रही है. बता दें कि जहां एकतरफ केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता संशोधन कानून को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की है तो वहीं उसके एक दिन बाद ही छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने अपने ही दल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. जी हां

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कांग्रेस नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर राष्ट्रीय जांच एजेंसी कानून, 2008 को असंवैधानिक घोषित करने का अनुरोध किया है. इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार इस कानून को चुनौती देने वाली पहली राज्य सरकार बन गई है.  बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अनुच्छेद 131 का हवाला देते हुए इस याचिका को दाखिल किया है. इस अनुच्छेद में प्रावधान किया गया है कि केंद्र के साथ विवाद होने पर राज्य सीधे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सकता है.

केरल ने भी इसी अनुच्छेद के तहत नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की शरण ली है. अब आप सोच रहे होंगे कि NIA कानून तो कांग्रेस सरकार में 2008 में ही बन गया था तो अब कांग्रेस इसका विरोध क्यो कर रही है. तो आपको बता दें कि इस कानून को लागू तो मनमोहन सरकार में ही कर दिया गया था. लेकिन बीजेपी ने इस कानून में संशोधन कर इसको और भी शक्ति देने का काम किया है. बता दें कि अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी का अधिकार क्षेत्र बढ़ चुका है. NIA के तहत अब किसी व्यक्ति पर आतंकी होने का शक होने पर उसे गिरफ्तार किया जा सकता है. उसे आतंकी घोषित किया जा सकता है, उसकी संपत्ति. जैसा कि पहले एक आतंकी संगठन के साथ किया जाता था.

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तो वहीं अब राज्य की अनुमति के बिना भी NIA कार्रवाई कर सकता है और तो और इससे जुड़े केसस की सुनवाई के लिए अब स्पेशल कोर्ट की जरूरत भी नहीं होगी. ऐसे में इस कानून को संशोधित कर बीजेपी ने आतंकी घटनाओं पर नकेल कसने की कोशिश की है.

अब आप सोच रहे होंगे कि कांग्रेस को इससे क्या दिक्कत है. तो आपको बता दें कि कांग्रेस बीजेपी विरोध में इतना खो चुकी है कि अब उसे अपने ही लाए कानूनों का विरोध करना पड़ रहा है. गौरतलब है कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब कि कांग्रेस ने ऐसा किया हो. इसके पहले भी GST, NRC समेत कई मोर्चों पर कांग्रेस, बीजेपी को गलत साबित करने के चक्कर में खुद की ही फजीहत करवा चुकी है.

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