आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की खबरों के बीच कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने लोकसभा चुनावों के लिए दिल्ली को पूर्ण राज्य के दर्जे को चुनावी मुद्दा मानने से इंकार कर दिया. पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित ने इस पर बयान देते हुए कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय मसलों पर चुनाव लड़ेगी और दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा, प्रचार अभियान के समय नहीं उठाया जाएगा. वहीं, दूसरी तरफ दिल्ली की सत्तारूढ़ पार्टी आप लोकसभा चुनावों के लिए मुख्य मुद्दा दिल्ली को पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग को मानती है. मंगलवार को दिल्ली में एक चुनावी सभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि आप हमें दिल्ली की सातों सीट दिलाइए, हम पूर्ण राज्य का दर्जा केंद्र सरकार से छीनकर आपको देंगे.  

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दिल्ली के वोटर को लेकर केजरीवाल का बयान

केजरीवाल ने कहा कि दूसरे राज्यों के एक मतदाता का एक वोट होता है, जबकि दिल्ली के मतदाताओं का वोट आधा होता है. हर साल दिल्ली के लोग केंद्र सरकार को डेढ़ लाख करोड़ रुपए का टैक्स देती है, इसके बावजूद यहां वोटर का वोट आधा ही है. इनमें से सिर्फ दिल्ली को सिर्फ 325 करोड़ रुपए दिए जाते हैं. कम से कम दिल्ली को पचास हजार करोड़ रुपए देने चाहिए. पूर्ण राज्य का दर्जा मिलते ही हमें हर विकास कार्य के लिए केंद्र की ओर नहीं देखना होगा.

अरविंद ने शीला पर भी जमकर कसे तंज

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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 70 सालों में कांग्रेस और भाजपा ने सिर्फ अपनी जेबे भरी हैं. पिछले 4 साल में मोदी ने हमारे काम रोकने में कोई कसर नहीं छोड़ी. इससे सिर्फ जनता का नुकसान हुआ. मुझसे लोग पूछते हैं कि शीला दीक्षित कैसे सरकार चलाती थीं, मैंने जवाब दिया कि उनके जैसी सरकार हम भी चला सकते हैं, लेकिन फिर हमें आम आदमी पार्टी बनाने की जरूरत ही नहीं पड़ती.

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