मुंबई। स्वर कोकिला भारत रत्न लगा मंगेशकर को कौन नहीं जानता है। लता मंगेशकर ने नरगिस से लेकर कालोज तक के लिए गाना गाया। लता मंगेशकर अपनी निर्विवाद छवि की वजह से पिछले 70 वर्षों से भारतीय सिनेमा की एक स्तंभ हैं। बहुत कम लोगों को जानकारी होगी कि लता मंगेशकर की हत्या की साजिश भी एक समय हो चुकी है।

आज से 56 वर्ष पूर्व उन्हें धीमा जहर दिया गया था। दिल दहलाने वाली इस राज का खुलासा हुआ मद्मा सचदेव की किताब से। वो किताब है ‘ऐसा कहां से लाऊ’।

तस्वीर (बीसीसीएल)

किताब के मुताबिक, लगा मंगेशकर को सन 1962 में मारने की कोशिश की गई है। उस वक्त वो महज 33 साल की थीं। बकौल पद्मा सचदेव- लता जी ने मुझे बताया कि एक बार उन्हें अचानक सुबह पेट में दर्द होने लगा। उसके बाद उन्हें दो-तीन बार उल्टियां भी हुईं।

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लता जी की उल्टी में हरे रंग का कुछ था। इतना ही नहीं उनकी तबियत इतनी बिगड़ गई कि वह चलने के हालत में नहीं थीं। लता जी के डॉक्टर उनका चेकअप करने पहुंचे थे। उन्हें इंजेक्शन दिया गया लेकिन दर्द के कारण वह सो नहीं सकी।

तस्वीर (बीसीसीएल)

डॉक्टर ने बताया कि उन्हें धीमा जहर दिया गया है। वह लगभग 10 दिन बाद ठीक हुईं। पद्मा सचदेव के मुताबिक- इस स्लो प्वॉइजन के कारण लता मंगेशकर बेहद कमजोर हो गई थीं। उन्होंने तीन महीने तक बेड रेस्ट किया और कोई गाना नहीं गा पाईं। उनकी आंतों में दर्द रहता था।

इस घटना के तुरंत बाद लता जी का नौकर भाग गया था। नौकर ने अपना बकाया पैसा भी नहीं लिया। ऐसे में लता जी को खाने में भी बेहद सावधानी बरतनी पड़ती थी। उन दिनों वह केवल ठंडा सूप ही लेती थीं।

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संतोष सुमन एक ब्लॉग राइटर हैं। वे बेवसाइट के लिए लिखते हैं। इसके साथ-साथ वे कंटेंट की प्रूफ रीडिंग भी करते हैं और सोशल मीडिया एवं SEO Executive भी हैं।