बीते दिनों एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण अपनी फिल्म ‘छपाक’ की रिलीज से पहले जेएनयू प्रोटेस्ट में शामिल हुई थी. दीपिका के इस प्रोटेस्ट में शामिल होने के बाद से सोशल मीडिया से लेकर मेनस्ट्रीम मीडिया तक इसकी जबरदस्त चर्चा हुई. दीपिका के इस मौन प्रोटेस्ट के बाद उनकी फिल्म छपाक को बायकॉट भी किया गया. कई दक्षिपंथी संगठनों ने छपाक का पुरजोर विरोध किया. जिसका असर इस फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर साफ दिखाई दिया.

इन सबके बीच दीपिका ने JNU समर्थन पर और उसके बाद हुए विवाद पर अपनी चुप्पी को नहीं तोड़ा. लेकिन इस पूरे मामले पर छपाक की डायरेक्टर मेघना गुल्जार ने खुलकर अपनी बात सबके सामने रखी है. बता दें कि जब दीपिका JNU प्रोटेस्ट में शामिल हुई तब कई तरह की खबरे सामने आई थी. किसी ने कहा कि दीपिका अपने फिल्म के प्रमोशन की स्ट्रेडजी के तहत गई थी तो किसी ने कहा कि दीपिका के PR और छपाक की प्रोडक्शन टीम ने उन्हें वहां जाने की सलाह दी थी. इन सबके बीच छपाक निर्देशक मेघना गुलजार सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए बड़ा खुलासा किया है.

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उन्होंने कहा कि ‘अभिनेत्री दीपिका पादुकोण का जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय जाकर हमले के शिकार छात्रों के लिए एकजुटता दिखाना उनका निजी फैसला था.’ बता दें कि इस खुलासे के साथ मेघना ने निजी और प्रोफेशनल दोनों को अलग-अलग रखने की अपील भी की है. उन्होंने कहा कि ‘हमें निजी और पेशेवर जीवन को अलग करने में सक्षम होना चाहिए. कोई अपनी निजी जिंदगी में क्या करता है और पेशेवर की तरह फिल्म में क्या करता है, उसे अलग-अलग देखना चाहिए. जब वे निजी और पेशेवर पहलुओं को अलग कर देखता है कि आखिर हमने क्यों फिल्म बनाई, जिसे हम केंद्र में लाना चाहते हैं. मेरा मानना है कि वो अहम है.’

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बता दें कि इसी के साथ मेघना ने अपना नजरिया बदकर तेजाब हमले की शिकार लक्ष्मी अग्रवाल की जिंदगी पर बनी फिल्म छपाक को देखने की अपील की है.  साथ ही उन्होंने कहा कि छपाक फिल्म में दीपिका मुख्य भूमिका में है. ये फिल्म उस समय नेशनल सुर्खियों में आयी जब दीपिका छपाक के प्रदर्शन से तीन दिन पहले जेएनयू परिसर में गईं. हालांकि, उन्होंने वहां पर कुछ नहीं कहा. इसको लेकर दीपिका को प्रशंसा के साथ-साथ आलोचना का भी सामना करना पड़ा.

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