असम एनआरसी में जिन लोगों का नाम नहीं है, उन्हें नागरिकता साबित करने के लिए सरकार ने चार महीने का समय दिया है। अब ये भी तय है कि दी गई समय सीमा के अंदर अगर लिस्ट से बाहर हुए लोग अपनी नागरिकता साबित नहीं कर पाते हैं तो उन्हें सरकार द्वारा बनाए जा रहे डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा।

असम सरकार राज्य में डिटेंशन सेंटर बना रही है, इन डिटेंशन सेंटर में उन लोगों को रखे जाने की योजना है जिनका नाम हर संवैधानिक विकल्पों के इस्तेमाल के बाद भी एनआरसी में नहीं आएगा। समाचार एजेंसी आईएएनएस ने ऐसे ही एक निर्माणाधीन डिटेंशन सेंटर की तस्वीर जारी की हैं। ये डिटेंशन सेंटर असम के गोपालपुर के कदमटोला में बन रहा है। तस्वीर में ये डिटेंशन सेंटर काफी बड़ा लग रहा है।

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अभी हाल ही में 31 अगस्त को जब असम एनआरसी की अंतिम सूची जारी हुई तो इस लिस्ट में 19 लाख लोग ऐसे थे जिनके नाम इस सूची में नहीं हैं। इन 19 लाख लोगों के पास अपनी नागरिकता साबित करने का मौका दिया जाएगा। असम सरकार ने कहा है कि जिनका नाम लिस्ट में नहीं है, उन्हें घबराने की कोई जरूरत नहीं है। ऐसे लोग 120 दिन की समय सीमा के अंदर अपनी नागरिकता साबित कर सकेंगे। नागरिकता साबित करने के लिए इन लोगों को विदेशी ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। इस वक्त असम में 100 विदेशी ट्रिब्यूनल हैं, जबकि ऐसे 200 ट्रिब्यूनल और काम करने शुरू कर देंगे।

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गौरतलब है कि एनआरसी की अंतिम सूची में 3,11,21,004 लोगों के नाम हैं। लगभग 19 लाख लोगों के नाम इस लिस्ट में नहीं हैं। इन लोगों की पहचान पर संकट पैदा हो गया है।

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