पुलवामा में सेना के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले के बाद देशभर में पढ़ रहे कश्मीरी छात्र खौफ में जी रहे हैं. कई राज्यों से उन पर हमले कि खबरे सामले आई हैं तो वही कुछ नेता अपनी राजनीति चमकाने के लिए उन्हें डरा धमका रहे है एसी भी खबरे सामने आई है. इस तनाव भरे माहौल के बीच देहरादून में पढ़ने वाले 190 कश्मीरी छात्र-छात्राओं को कश्मीर रवाना किया गया.

दरअसल, मंगलवार रात कश्मीर से पीडीपी नेताओं के साथ दो बसों में करीब 110 छात्र-छात्राओं को कश्मीर के लिए रवाना हुए. वहीं, करीब 80 छात्र मंगलवार दोपहर कश्मीर के लिए रवाना हुए.

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मंगलवार को राजधानी में पीडीपी के नेता पहुंचे. जिनमें पीडीपी के राज्यसभा सांसद फैयाज अहमद मीर, पूर्व सांसद एजाज अहमद मीर सामिल थे. हालांकि, मंगलवार दोपहर पीडीपी सांसद फैयाज अहमद मीर ने कहा था कि वह देहरादून में छात्र-छात्राओं का हालचाल जानने पहुंचे हैं और उन्हें नहीं लगता कि देहरादून में किसी तरह की छात्रो को कोई दिक्कत है.

मामले पर छात्रो का क्या है कहना

रातो-रात कई कॉलेजों के छात्रों को देहरादून से कश्मीर ले जाने के मामले में अब राजनीतिक रंग भी दिखने लगे हैं. सूत्रों का कहना है कि कई छात्र परीक्षा होने के चलते कश्मीर जाने को तैयार नहीं थे. बावजूद इसके पीडीपी नेता सभी छात्रों को बसों में लेकर कश्मीर रवाना हो गए.

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गौरतलब है कि पुलवामा हमले के बाद पूरे देश में बड़े पैमाने पर कश्मीरी छात्र छात्राओं का विरोध हो रहा है. देहरादून में कुछ कश्मीरी छात्रों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर देश विरोधी पोस्ट डालने को लेकर देहरादून में हंगामा मचा हुआ है. हालांकि, उत्तराखंड पुलिस ने लगातार कश्मीरी छात्र छात्राओं से मुलाकात कर उन्हें देहरादून में पूरी सुरक्षा मुहैया कराने की बात कही थी जो पूरी तरह कारगर भी साबित हुई.

उत्तराखंड पुलिस ने हर कॉलेज में जबरदस्त फोर्स तैनात कर दी ताकी किसी भी कश्मीरी छात्र और छात्रा अपने आपको सुरक्षित महसूस कर सकें. जिसके बाद कश्मीरी छात्राओं का एक वीडियो भी सामने आया जिसमें छात्राओं ने देहरादून में किसी भी तरह की दिक्कत होने से इनकार किया था.

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