बालकोट एयरस्ट्राइक- पाकिस्तान ने मदरसे तक मीडिया के जाने पर लगाया बैन

पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में घुसकर एयर स्ट्राइक की। लेकिन कुछ लोग अब भी एयर स्ट्राइक को लेकर सवाल उठा रहे हैं। और सबूतों की मांग कर रहे हैं। और ऐसे में  पड़ोसी देश दुनिया को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। बता दें कि पाकिस्तान के सुरक्षा अधिकारी मीडिया को उस पहाड़ी पर जाने से रोक रहे हैं जहां पर भारतीय एयर फोर्स ने मिसाइलें दागीं थीं। और इसी कड़ी में समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक टीम को भी गुरुवार को ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा। पाक अधिकारियों ने मीडिया टीम को उत्तरपूर्वी पाकिस्तान स्थित बालाकोट की उस पहाड़ी पर बने मदरसे और आसपास की इमारतों के करीब जाने से रोक दिया।

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आपको बता दें कि अपने हिसाब से तस्वीरें दिखाकर पाकिस्तान अबतक दुनिया को बताता रहा है कि भारत ने कोई एयर स्ट्राइक नहीं की। पिछले 9 दिनों में यह तीसरी बार है जब रॉयटर्स के रिपोर्टर इलाके में पहुंचे हैं। दरअसल, यहां स्थित जिस इमारत को मदरसा बताया जा रहा है, वह आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद द्वारा संचालित किया जाता था। भारतीय एयरफोर्स ने इसी आतंकी ट्रेनिंग कैंप पर बम बरसाए थे लेकिन पाक अधिकारी अब पत्रकारों को वहां जाने नहीं दे रहे हैं।

स्ट्राइक के फौरन बाद भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया था कि इस ट्रेनिंग कैंप पर की गई कार्रवाई में बड़ी संख्या में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी, ट्रेनर्स, सीनियर कमांडर मारे गए हैं।
पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारी उसके बाद से ही उस रास्ते पर कड़ा पहरा रखे हुए हैं, जो उस जगह की तरफ जाता है। अधिकारी सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए पत्रकारों को जाने से रोक रहे हैं। आपको बता दें कि एयर स्ट्राइक के फौरन बाद ही पाकिस्तानी फौज की तरफ से कहा गया था कि वह मीडिया को उस स्थान पर ले जाएंगे जहां एयर स्ट्राइक की बात कही जा रही है। ऐसे में यह समझा जा सकता है कि दिखावे के लिए पाकिस्तान ने भले ही ऐसा बयान दे दिया हो पर अंदर से उसे सच्चाई जाहिर होने का डर सता रहा है।

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26 फरवरी को भारत के ऐक्शन के बाद से ही पाकिस्तान सरकार यह दावा कर रही है कि किसी भी इमारत को कोई नुकसान नहीं हुआ है और किसी की जान नहीं गई है। इस्लामाबाद में सेना की प्रेस विंग ने भी मौसम और संगठन के कारणों का हवाला देते हुए साइट पर जाने का दौरा रद कर दिया। एक अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा कारणों से अगले कुछ दिनों तक उस स्थान पर जाना संभव नहीं होगा। 

फिलहाल स्थिति यह है कि रॉयटर्स टीम को पहाड़ी के नीचे और मदरसे से करीब 100 मीटर की दूरी से ही उस जगह को देखना पड़ रहा है। पत्रकारों ने जो बिल्डिंग्स देखी हैं, उसके चारों तरफ पाइन ट्री हैं और ऐसे में देखने से कुछ भी कहना मुश्किल है क्योंकि पहुंच काफी सीमित है।

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