दुनिया का सबसे खूंखार चरमपंथी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट का प्रमुख अबु बक्र अल-बगदादी ने सीरिया में अमरीका के स्पेशल फोर्स की एक रेड के दौरान खुद को मार लिया.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया कि उत्तर-पश्चिम सीरिया में अमरीका के स्पेशल फ़ोर्स के ऑपरेशन के दौरान एक ख़तरनाक और दहलाने वाली रात में दुनिया के नंबर वन आतंकवादी की मौत हो गई.

ट्रंप ने बताया कि शनिवार को हेलिकॉप्टर एक अज्ञात लोकेशन से अमरीका के स्पेशल फ़ोर्स को लेकर शाम में पाँच बजे वॉशिंगटन से रवाना हुए. तब ट्रंप व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में अन्य अहम नेताओं के साथ थे. हेलिकॉप्टर एक घंटे दस मिनट तक दोनों दिशाओं में आसमान में रहे जबकि ऑपरेशन दो घंटे तक चला.

अधिकारियों ने अमरीकी मीडिया से कहा है कि रविवार तड़के ही सीरिया के इदलिब प्रांत के गाँव बारिशा को अमरीका के स्पेशल फ़ोर्स ने निशाने पर लिया. यह तुर्की की दक्षिणी सीमा से महज़ पाँच किलोमीटर दूर है.

इदलिब सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद के विरोधियों का आख़िरी मज़बूत क़िला था. यह जिहादियों के गठबंधन का गढ़ रहा है. इनका इस्लामिक स्टेट से हिंसक टकराव रहा है इसके बावजूद माना जाता है कि आइएस के सैकड़ों लड़ाके यहां हैं. इस इलाक़े में सीरियाई सेना की भी पूर्व, पश्चिम और दक्षिण में रूस के समर्थन से तैनाती है.

रेड को ऐसे दिया गया अंजाम
ट्रंप ने कहा कि अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियां बग़दादी का पहले से ही पीछा कर रही थीं और उन्हें पता था कि बग़दादी जहां है वहां कई सुरंगे हैं. इनमें से ज़्यादातर सुरंगों का कोई एग्ज़िट नहीं था. ट्रंप ने इस मिशन के लिए स्पेशल फ़ोर्स के एक बड़े समूह को शामिल किया था. इसमें आठ हेलिकॉप्टर, कई पोत और प्लेन शामिल थे.

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अमरीकी हेलिकॉप्टर तुर्की के ऊपर से उड़ते हुए निकले. इसके साथ ही उन इलाक़ों से भी गुजरे जहां सीरियाई और रूसी सेना का नियंत्रण है. ट्रंप ने कहा कि रूस को अमरीकी स्पेशल फ़ोर्स के ऑपरेशन के बारे में नहीं पता था फिर भी उसने अमरीकी हेलिकॉप्टर को जाने दिया. ट्रंप ने कहा कि रूस ने मदद की.

अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा, ”फ्लाइट बहुत ही ख़तरनाक इलाक़ों से निकली और घुसी. इस बात का डर था कि हम आग की चपेट में न आ जाएं. कभी रफ़्तार बहुत धीमी करनी पड़ती थी तो कभी बहुत ही तेज़. जैसे ही हेलिकॉप्टर बग़दादी के परिसर के पास पहुंचे कि गोलीबारी शुरू हो गई. उससे निपटने में हमें ज़्यादा वक़्त नहीं लगा.”

बारिशा गाँव के एक व्यक्ति ने बीबीसी से कहा, ”ज़मीन पर उतरने से पहले हेलिकॉप्टर से 30 मिनट तक गोलीबारी हुई. हेलिकॉप्टर से दो घरों पर मिसाइलें भी दागी गईं. इसमें एक घर पूरी तरह से तबाह हो गया.”

ट्रंप ने बताया कि बारिशा गाँव में पहले एक हेलिकॉप्टर लैंड किया. इसके बाद अमरीका के स्पेशल फ़ोर्स के जवानों ने परिसर की दीवारों में सुराख़ बनाए ताकि मेन दरवाज़े में फँसने से बचा जा सके.

इसके बाद ऑपरेशन उस कंपाउंड में शुरू हुआ. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि बग़दादी सुरंग में भागने लगा और उस सुरंग का कोई एग्ज़िट नहीं था. ट्रंप ने कहा कि इस दौरान बग़दादी गिड़गिड़ा और रो रहा था.

अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा, ”पहले पूरे कंपाउंड को ख़ाली कराया गया. या तो लोगों ने सरेंडर किया या फिर मारे गए. 11 बच्चों को बाहर निकाला गया. उस सुरंग में अकेला बग़दादी बच गया था. वो अपने साथ तीन बच्चों को लेकर भाग रहा था और उनकी भी मौत हो गई.”

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ट्रंप ने कहा, ”वो सुरंग के आख़िरी छोर पर पहुंच गया. हमारे कुत्ते उसे खदेड़ रहे थे. आख़िर में वो गिर गया और कमर में बंधे विस्फोटक से ख़ुद को और तीन बच्चों को उड़ा लिया. ब्लास्ट के बाद उसकी बॉडी टुकड़ों में बँट गई थी. धमाके में सुरंग भी तबाह हो गया.” इस ऑपरेशन के बाद पूरा परिसर मलबे में तब्दील हो गया. इसकी तस्वीरों और वीडियो में गोलियों के बने सुराख़ और जली चीज़ें दिख रही हैं.

बारिशा गाँव के लोगों का कहना है कि दो घरों पर मिसाइल दागी गई थी जिनमें से एक ध्वस्त हो गया था.
अमरीका बग़दादी की मौत को लेकर आश्वस्त क्यों?

ट्रंप ने कहा कि जिस व्यक्ति ने ख़ुद को सुरंग में उड़ाया उसकी बॉडी के अवशेष की तत्काल जांच की गई और उसी वक़्त पुष्टि हुई कि वो बग़दादी ही था.

ट्रंप ने कहा कि 15 मिनट के भीतर ही बग़दादी को मार दिया गया. अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि स्पेशल फ़ोर्स के साथ वो एक्सपर्ट भी थे जो डीएनए जांच के बाद व्यक्ति की पहचान करते हैं.

इन्होंने वहीं उसी वक़्त जांच कर बग़दादी के डीएनए से मिलान किया और बिल्कुल सही निकला. ट्रंप ने कहा कि उनके एक्सपर्ट बग़दादी की बॉडी के पार्ट भी लाए हैं.

हालांकि स्वतंत्र रूप से बग़दादी की मौत की कोई पुष्टि नहीं हो पाई है. आइएस समर्थक भी इस पर भरोसा करने को लेकर सतर्क हैं.

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क्या अमरीकी सेना को भी कोई नुक़सान हुआ?

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ”इस ऑपरेशन में अमरीकी स्पेशल फ़ोर्स को कोई नुक़सान नहीं हुआ है जबकि बड़ी संख्या में बग़दादी के लोग मारे गए हैं. मारे गए लोगों में बग़दादी की दो पत्नियां भी हैं. दोनों महिलाओं ने भी ख़ुद में विस्फोटक बांध रखा था लेकिन फटा नहीं. अमरीकी सेना का एक कुत्ता बग़दादी को पीछा करने में ज़ख़्मी हो गया है.”

अभी तक साफ़ नहीं है कि आइएस का कोई लड़ाका या बच्चा अमरीकी ऑपरेशन में ज़ख़्मी होने के बाद पकड़ा गया है या नहीं. इस पर ट्रंप ने कहा, ”आइएस के लड़ाके बंदी हैं और बच्चों को कहीं देखभाल के लिए रखा गया है.” ट्रंप ने इसे लेकर कोई और जानकारी नहीं दी.

सीरिया-इराक़ सीमा से बारिशा सैकड़ों किलोमीटर दूर एक हाशिए का रेगिस्तानी इलाक़ा है. कहा जाता है कि बग़दादी का ठिकाना यहीं था.

ट्रंप ने कहा कि बग़दादी फिर से आइएस को खड़ा करना चाहता था इसलिए इदलिब में था. ट्रंप ने कहा कि अमरीका समर्थित कुर्द बलों ने मार्च में ही पूर्वी सीरिया के बाग़ुज़ गाँव से बग़दादी को दरबदर कर दिया था.

आख़िर यह इलाक़ा बग़दादी को क्यों पसंद आया? इस पर ट्रंप ने कहा, ”यह जगह आइएस को फिर से खड़ा करने के लिहाज से सबसे मुफ़ीद था. हमें बग़दादी को लेकर ख़ुफ़िया सूचना थी कि वो किस प्लान पर काम कर रहा है. अब आइएस का नेतृत्व जिस हाथ में भी आएगा उस पर हमारी नज़र बनी हुई है. हम जानते हैं कि इसे अब कौन संभालेगा और हमें उसका ठिकाना भी पता है.”

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