मोदी सरकार देश के किसानों को लेकर नए नए वादे कर रही है. किसानों के विकास के लिए कई बड़ी स्कीम भी लेकर आ रही हैं. जैसे कि हाल ही में लाइ गई स्कीम ‘किसान सम्मान निधी योजना’. जिसके तहत मोदी सरकार छोटे गरीब किसानों को हर साल 6000 रुपय की आय सहायता देगी. जिसके बाद किसानो ने भी मोदी सरकार की काफी सरहाना की थी.

लेकिन इसी बीच BJP को लेकर एक खबर ऐसी सामने आई है जिसने सरकार को एक बार फिर सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है. दरअसल महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में 52 साल के एक किसान ने आत्महत्या कर ली और इसका जिम्मेदार कथित तौर पर राज्य की बीजेपी-शिवसेना सरकार को बताया. ताजा घटना पंढरवाड़ा तहसील के पहापाल की है. जहां रहने वाले धनराज बलिराम नवहटे ने कीटनाशक पीकर आत्म हत्या कर ली. पुलिस के अनुसार मृतक किसान के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. जिसमें कथित तौर पर बीजेपी-शिवसेना सरकार को दोषी ठहराया गया है.

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पुलिस अधिकारियों ने बताया की मृतक किसान के पास चार एकड़ जमीन है और उन्होंने दो लाख रुपये का कर्ज एक स्थानीय महाजन से लिया था. उनके परिवार का कहना है कि वो पिछले कई सालों से फसलों के बर्बाद होने से परेशान थे. महाजन रोज अपना कर्ज वापस मांगता था. बुधवार को वो अपनी शादीशुदा बेटी के घर जाने के लिए निकले, लेकिन जब गुरुवार की शाम तक वापस नहीं आए तो उनकी तलाश शुरू की गई. जिसके बाद उनका शव उनके खेत के ही एक गड्ढे में पाया गया. फिल्हाल पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. और इस आत्महत्या के पीछे की असली वजह तलाश रही है.

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ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब किसी किसान ने कर्जे से परेशान होकर आत्महत्या की राह चुनी हो. इससे पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं. महाराष्ट्र में विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि राज्य में पिछले तीन साल की बीजेपी सरकार के कार्यकाल में 10,000 किसानों ने फसल खराब होने और कर्ज के चलते आत्महत्या कर ली है. सरकार की ओर से किसानों की कर्जमाफी की घोषणा के बाद भी राज्य में किसानों को कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है. संकटग्रस्त इलाकों में आत्महत्याएं जारी हैं. आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में जनवरी से अब तक 907 किसान आत्महत्या कर चुके हैं.

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