प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वो प्रधानमंत्री जिनकी सुरक्षा की चिंता हमारी सुरक्षा एजेंसियों को हमेशा लगी रहती है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी को कई बार आतंकियों की धमकियां मिल चुकी हैं. जब मोदी विदेश में जाते हैं, तो विदेश की सुरक्षा ऐंजंसियां भी उनकी सुऱक्षा के लिए हमेशा चिंता में रहती हैं लेकिन अब अमेरिका ने मोदी के एक दुश्मन को मार गिराया है. दरअसल, हाल ही में आतंकवादी संगठन अल कायदा के इंडिया सबकॉन्टिनेंट चीफ मौलाना आसिम उमर को अफगानिस्तान में मार गिराया गया है. ये वही खूंखार आतंकी है, जो पिछले 20–25 सालों में इस दुनिया के हजारों बेगुनाहों को मौत का कारण बना है. ये वही आतंकी है, जिसने 2015 में वीडियो जारी करके अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र संघ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्लाम का दुश्मन बताते हुए हमले की धमकी दी थी. ये वही आतंकी है, जिसने अमेरिका मे 9/11 का हमला करवाया और भारत में 26/11 का.

ये वही आतंकी है, जिसकी वजह से दुनिया के कई मुल्कों को अपने नागरिकों को जान गवानी पड़ी, लेकिन अब अफगानिस्तान के नेशनल सिक्योरिटी डायरेक्टर ने ट्वीट कर जानकारी दी है की अल कायदा के इंडिया सबकॉन्टिनेंट चीफ मौलाना आसिम उमर को अफगानिस्तान के मूसा काला जिले में पिछले महीने हुए एक ऑपरेशन में अमेरिकी फौज ने मार गिराया था इसकी तस्वीरें भी दिखाई गई हैं. आपको बता दें कि ये आतंकी भारत के उत्तर प्रदेश के संभल जिले का रहने वाला था. उसका वास्तविक नाम सनाउल हक था. बाद में आसिम के नाम से जाना जाने लगा. सन् 2014 में अल कायदा चीफ अयमान अल जवाहिरी ने एक वीडियो जारी कर इस आसिम को इंडिया सबकॉन्टिनेंट का चीफ घोषित किया था. भारतीय खुफिया एजेंसियों की जांच में ये सामने आया था कि सनाउल हक यानी आसिम 90 के दशक में घर से गायब हो गया था और बाद में उसके पाकिस्तान में होने की जानकारी मिली थी.

2016 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने रॉ के साथ मिलकर भारत में मौजूद अल कायदा के कई आतंकियों को पकड़ा था. उनसे पूछताछ में भी इसकी पुष्टि हुई थी कि आसिम उमर उत्तर प्रदेश के संभल का रहने वाला है. जिसका असली नाम सनाउल हक है . अमेरिका पर 9/11 हमले के बाद अल कायदा की एक डॉक्युमेंट्री में भी ये आतंकी ओसामा बिन लादेन के साथ दिखाई दे रहा था. इसके बाद अमेरिका ने 2016 में इसे ग्लोबल टेररिस्ट लिस्ट में शामिल किया था. जिसके बाद इस आतंकी मौलाना आसिम ने भारत के युवाओ को जिहाद फैलाने के लिए उकसाना शुरु कर दिया. उसने कई वीडियो जारी किए लेकिन  अमेरिका सेना को इसकी लम्बे समय से खोज थी और जैसे ही ये आतंकी मिला अमेरिकी सेना ने इसे वही ढेर कर दिया यानी.

जरुर पढ़ें:  राफेल पर घिरी सरकार! फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा, वह सौदे के वक्त सत्ता में नहीं थे

VK News

Loading...