असदुद्दीन ओवैसी का नाम लेते ही है. उनके वो भड़काऊ भाषण याद आते हैं जो देश में जहर उगलने का काम करते हैं. साथ ही ओवैसी हमेशा ऐसे बयान देकर सुर्खियों में बने रहते हैं जो देश के दो महजबों के भाईचारे में विघ्न डालने का काम करते हैं. और ओवैसी को मुस्लिम कट्टर छवि वाले नेता के नाम से भी जाना जाता है.

इन सब बातों का जिक्र इसलिए कर रहे हैं क्यों कि आपने ओवैसी के भड़काऊ भाषणों को तो सुना होगा. लेकिन इस बार जो उन्होने बयान दिया है उसकी तरीफ आप खुद करने लगेंगे. जी हां जब नसीरूद्दीन शाह के बयान पर पाकिस्तान के पीएम ने भारत को खोखली नसीहत दी. तो असदुद्दीन औवैसी ने इमरान खान को आइना दिखाया.

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ओवैसी ने कहा कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर भारत को पाकिस्तान से नहीं बल्कि पाकिस्तान को भारत से सीखने की जरूरत है. आपको बता दें कि इमरान खान ने बॉलिवुड ऐक्टर नसीरुद्दीन शाह के एक बयान की तरफ इशारा करते हुए कहा था कि भारत में अल्पसंख्यकों को समान दर्जा नहीं है. लेकिन जब ओवैसी ने इस बयान को सुना तो उन्होनें इमरान खान के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी.

औवैसी ने ट्वीट कर कहा कि  ‘पाकिस्तान के संविधान के मुताबिक, सिर्फ मुस्लिम राष्ट्रपति बन सकता है. लेकिन भारत में वंचित समुदायों के कई राष्ट्रपति रहे हैं. खान साहब के लिए ये सही वक्त है. कि वो हमसे समावेशी राजनीति और अल्पसंख्यक अधिकारों के बारे में कुछ सीख सकें.

आपको बता दें कि 3 दिसंबर को यूपी के बुलंदशहर में गोहत्या की अफवाह पर भड़की हिंसा को लेकर ऐक्टर नसीरुद्दीन शाह ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कुछ टिप्पणियां की थीं. जिसमें उन्होनें कहा था कि हम देख रहे हैं कि एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत से ज्यादा अहमियत गाय की मौत को दी जा रही है. और ऐसे माहौल में मुझे अपने औलादों के बारे में सोचकर फिक्र होती है. क्यों कि कल को मेरे बच्चे बाहर निकलेंगे तो भीड़ उन्हें घेरकर पूछ सकती हो कि तुम कौन हो? ऐसे में वो क्या जवाब देंगे.

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और इस बयान के आने के बाद से ही देश के कुछ लोग उनके इस बयान की लगातार आलोचना कर रहे हैं. खैर देश के लोग देश के ही किसी नागिरक के बयान की आलोचना और समालोचना करें तो कहीं तक ये बात ठीक है. लेकिन आप खुद सोचिए जिस मुल्क में अशिक्षा, आतंकवाद और स्वास्थ्य जैसी समस्यांए मडरा रही हों मगर वो मुल्क इन बातों पर न ध्यान देकर दूसरे मुल्कों में चल रही गतिविधियों पर ध्यान दे तो ये कहां तक ठीक है.

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