देश में जहा एक तरफ पिछले कुछ कुछ सालो में रोजगार घटा है तो वही चुनाव जित कर लोकसभा और विधानसभा में पहुंचे जनप्रतिनिधियों की संपत्ति में बेतहाशा बठत हुई है.जिसमें सबसे जादा प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश के है .

सांसदों में केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी से लेकर समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव का नाम है तो विधायकों में मुख्तार अंसारी और दुर्गा प्रसाद यादव जैसे लोग हैं। इसका अंदाज सिर्फ इसी से लगाया जा सकता है कि करोड़पति माननीयों की तीसरे चुनाव तक औसत संपति छह करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ गई।

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने 2004 से 2019 तक लोकसभा और विधानसभा के तीन चुनावों में विधायकों और सांसदों के आपराधिक और वित्तीय विवरणों के आधार पर विश्लेषण रिपोर्ट जारी की है। एडीआर के संस्थापक सदस्य प्रोफेसर त्रिलोचन शास्त्री और उत्तर प्रदेश समन्वयक संजय सिंह ने कल रिपोर्ट साझा की। प्रदेश में 2004 से लोकसभा और विधानसभा चुनाव लडऩे वाले 19971 उम्मीदवारों का विश्लेषण किया गया। अपने शपथ पत्र में 1443 सांसदों व विधायकों में 38 फीसद ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किये हैं।

इनमें 328 माननीयों पर गंभीर मामले दर्ज हैं। कुछ सांसदों और विधायकों के शपथ पत्र का विश्लेषण नहीं हो सका है। वर्ष 2007 में उप्र में निर्दलीय विधायकों समेत पुन: निर्वाचित 31 विधायकों की औसत संपत्ति 1.24 करोड़ थीं जो 2012 में बढ़कर 3.87 करोड़ और 2017 में फिर निर्वाचित होने वाले इन विधायकों की संपत्ति बढ़कर औसत 7.74 करोड़ रुपये हो गई। माननीयों की संपत्ति औसत छह करोड़ रुपये बढ़ी है।

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मेनका, मुलायम, राहुल और सोनिया की खूब बढ़ी संपत्ति

एडीआर ने कई बार निर्वाचित होने वाले पांच सांसदों की भी संपत्ति के ब्योरे का विश्लेषण किया। 2004 से लेकर 2014 के बीच हुए चुनावों में दिए गये शपथ पत्र के मुताबिक दस वर्ष में सर्वाधिक 30 करोड़ मेनका गांधी, फिर 14 करोड़ मुलायम सिंह यादव, आठ करोड़ राहुल गांधी, आठ करोड़ सोनिया गांधी और दो करोड़ ब्रजभूषण शरण सिंह की संपत्ति बढ़ी।

भाजपा की पीलीभीत सांसद व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के पास 2004 में छह करोड़ 67 लाख, 2009 में 18 करोड़ 28 लाख और 2014 में 37 करोड़ रुपये की संपत्ति हो गई।सपा संस्थापक आजमगढ़ के सांसद मुलायम सिंह यादव के पास एक करोड़ 15 लाख से बढ़कर दो करोड़ 23 लाख और फिर 15 करोड़ 96 लाख रुपये हो गई।

कांग्रेस अध्यक्ष व अमेठी के सांसद राहुल गांधी के पास 2004 में 55 लाख 38 हजार रुपये की औसत संपत्ति थी जो 2009 में दो करोड़ 32 लाख और 2014 में नौ करोड़ 40 लाख हो गई। संप्रग अध्यक्ष रायबरेली की सांसद सोनिया गांधी के पास 2004 में 85 लाख 68 हजार, 2009 में एक करोड़ 37 लाख और 2014 में नौ करोड़ 28 लाख हो गई। कैसरगंज के सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह के पास 2004 में तीन करोड़ 58 लाख, 2009 में पांच करोड़ 35 लाख और 2014 में छह करोड़ 16 लाख की सपंत्ति हो गई।

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 60 फीसद सांसद और विधायक करोड़पति

2004 से अब तक चुनावों में 1443 सांसदों और विधायकों में 864 करोड़पति हैं। इनमें बसपा के 43 प्रतिशत, भाजपा के 73 प्रतिशत, कांग्रेस के 58 प्रतिशत और सपा के 58 प्रतिशत हैं। रालोद के 64 फीसद सांसद व विधायक करोड़पति हैं। चुने गये 1443 सांसदों और विधायकों में केवल 131 प्रतिशत महिला सांसद और विधायक हैं।

सबसे अधिक आपराधिक मामले सपा के सांसदों, विधायकों पर

शपथ पत्र के मुताबिक सर्वाधिक आपराधिक मामले सपा फिर भाजपा, कांग्रेस और बसपा के सांसदों और विधायकों पर दर्ज हैं। 2004 से अब तक हुए चुनावों में सपा के 430 सांसदों और विधायकों में 179 यानि 42 फीसद, भाजपा के 486 में 180 यानि 37 फीसद, कांग्रेस के 89 में 31 यानि 35 फीसद और बसपा के 354 में 120 यानि 34 फीसद माननीयों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें सबसे ज्यादा गंभीर आपराधिक मामले भाजपा के माननीयों पर 25 प्रतिशत, सपा पर 21 प्रतिशत बसपा और कांग्रेस के 19-19 प्रतिशत है। रालोद के 14 प्रतिशत लोगों पर मुकदमे दर्ज हैं।

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विधायकों में मुख्तार अंसारी की बढ़ी सबसे ज्यादा संपत्ति

लगातार निर्वाचित होने वाले विधायकों में सबसे ज्यादा संपत्ति बसपा विधायक मुख्तार अंसारी की बढ़ी। 2007 में मऊ से निर्दल विधायक मुख्तार अंसारी की संपत्ति 82,19978 रुपये थी जो 2012 में बढ़कर 30788828 रुपये हो गई। 2017 में मुख्तार अंसारी की औसत संपत्ति 21 करोड़ 88 लाख 57 हजार 273 रुपये हो गई। 2017 में मुख्तार बसपा के टिकट पर जीते और इसके पहले वह अपनी ही पार्टी कौमी एकता दल से चुनाव लड़े थे।

दूसरे नंबर पर आजमगढ़ के सपा विधायक दुर्गा प्रसाद यादव हैं। 2007 में दुर्गा के पास एक करोड़ चार लाख, 2012 में दो करोड़ 56 लाख और 2017 में 17 करोड़ 90 लाख हो गए। तीसरे नंबर पर मौजूदा औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना हैं। कानपुर के महराजपुर से भाजपा के टिकट पर लगातार चुनाव जीतने वाले सतीश महाना के पास 2007 में तीन करोड़ 48 लाख, 2012 में सात करोड़ 26 लाख और 2017 में 20 करोड़ आठ लाख की संपत्ति हो गई। आगरा के जगन प्रसाद गर्ग, जौनपुर जिले के शैलेंद्र यादव ललई, सैयदराजा के सुशील सिंह, कुंडा के रघुराज प्रताप सिंह, करहल के सोबरन सिंह, सादाबाद के रामवीर उपाध्याय और बलदेव के पूरन प्रकाश की संपत्ति बढ़ती गई।

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