दिवाली पर पटाखे जलाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन न हो इसके लिए दिल्ली पुलिस कमर कस ली. और लोगों को जागरूक करने के लिए दिल्ली पुलिस पोस्टर लगाकर यह बता रही है कि किस तरह के पटाखे जलाए जा सकते हैं.

जिसके लिए पुलिस जगह-जगह पोस्टर लगाकर लोगों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में बता रही है. इन पोस्टरों में लोगों को बताया गया है कि कितने समय के लिए पटाखा जलाया जा सकता है, कितनी क्षमता के पटाखे बेचे जा सकते हैं.

गौरतलब है कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दीवाली पर कुछ शर्तों के साथ सिर्फ ग्रीन पटाखों को जलाने की अनुमति दी थी. सुप्रीम कोर्ट के उन्हीं दिशा निर्देशों को लेकर दिल्ली पुलिस ने पोस्टर जारी किया है. इस पोस्टर के माध्यम से दिल्ली पुलिस यह सुनिश्चत करना चाहती है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लघंन कतई भी नहीं होना चाहिए.

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यहीं नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने पटाखे फोड़ने वालों पर कार्रवाई शुरु कर दी है. पहला मामला दिल्ली के गाज़ीपुर से सामने आया है जहां एक शख्स के खिलाफ पुलिस ने दिवाली से पहले पटाखा फोड़ने को लेकर आईपीसी की धारा 188 के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस ने आरोपी पर कार्रवाई करते हुए पटाखों को जब्त कर गिरफ्तार किया था. हालांकि, अभी वह जमानत पर बाहर है.

दरअसल, अरविंद नाम के एक शख्स ने दिल्ली पुलिस को फोन लगाकर शिकायत की. उसने बताया कि गाजीपुर इलाके में उसके फ्लैट के ऊपर रहने वाले दमनदीप नाम के व्यक्ति के बच्चे 1 अक्टूबर की रात पटाखे जला रहे थे. मेरे मना करने पर भी वो नहीं माने.

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अरविंद ने आगे बताया कि इसके बाद बच्चों के पिता दमनदीप भी वहां आ गए और मेरे घर के दरवाजे पर पटाखे जलाने लगे. मना करने पर दमनदीप ने कहा कि पटाखे तो यही चलेंगे. इससे तंग आकर मेैंने इस बात की शिकायत पुलिस से की, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दमनदीप के खिलाफ आईपीसी 188 के तहत केस दर्ज कराया.

बता दें कि दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई ने लोगों को पटाखे जलाने और बेचने को लेकर कोर्ट के नियम के प्रति सचेत कर दिया है.

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