भय्यू महाराज आत्महत्या केस में पुलिस ने शुक्रवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया. भय्यू महाराज ने सात महीने पहले अपने घर में खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली थी. इनमें महाराज के नजदीक मानी जा रही युवती पलक, सेवादार विनायक दुधाले, और शरद देशमुख शामिल हैं. बता दें, इनके खिलाफ साजिश रचकर धमकाने का केस दर्ज किया गया है.

महाराज की पत्नी आयुषी ने बयान दिया कि तीनों महाराज को जाल में फंसा कर शोषण कर रहे थे. षड्यंत्र में उलझकर ही महाराज आत्महत्या के लिए मजबूर हो गए थे. शुक्रवार को पलक को सीएसपी आजाद नगर पल्लवी शुक्ला ने थाने बुलाकर गिरफ्तार किया. जिसके बाद तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया. जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया.

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एएसपी प्रशांत चौबे का कहना है कि, “जिस पलक को गिरफ्तार किया है, उसे मनमीत अरोरा ने भय्यू महाराज से मिलवाया था. इसके बाद विनायक और देशमुख द्वारा पलक को महाराज के करीब भेजकर ब्लैकमेल किया जाने लगा. पलक पर आरोप है कि उसने महाराज की दूसरी शादी के दिन घर पहुंचकर हंगामा किया था. विनायक और शरद भी उसके साथ थे.”

“पलक ने महाराज को दूसरी शादी के बाद एक साल का समय देकर 16 जून को शादी की तारीख तय कर दी थी. उसके मोबाइल से जो मैसेज विनायक और शरद को भेजे गए हैं उसमें लिखा है कि हमारा प्लान सक्सेस होगा कि नहीं. इसी मैसेज के बाद कई तरह के अश्लील मैसेज भी उसने महाराज को भेजे थे.”

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बता दें, दिसंबर में महाराज से जुड़े एडवोकेट निवेश बड़जात्या को 5 करोड़ रुपए के लिए धमकी मिली थी. इस केस में एमआईजी पुलिस ने महाराज के ही ड्राइवर रहे कैलाश पाटील और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया था. पता चला कि महाराज को सेवादारों और एक युवती द्वारा धमकाया जा रहा था.

जांच के दौरान पुलिस ने महाराज के मोबाइल जब्त किए थे. इन मोबाइल में युवती की अश्लील चैटिंग मिली. साथ ही यह भी पता चला कि सेवादार विनायक और शरद उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे.

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