हाल ही में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में इज्तिमा के कार्यक्रम का आयोजन हुआ. जिसमें लगभग 20 लाख मुस्लिम धर्म के लोग देश विदेश से आकर शामिल हुए. इसी बीच इज्तिमा कार्यक्रम से लगभग 40 से 50 किलोमीटर दूर कुछ गांव के लोगों ने कोतवाली के चिंगरावठी थाने को हिंसा के हवाले कर दिया. इस हिंसा ने एक इंस्पेक्टर और एक आम नागरिक को मौत की नींद सुला दिया.

जिसके बाद इस हिंसा को कुछ लोग इज्तिमा कार्यक्रम से जोड़ रहे है. इसलिए ऐसे में सोशल मीडिया पर इस बारे में किसी भी अफवाह को लेकर सतर्क रहें. क्यों कि इस हिंसा से इज्तिमा का कोई लेना नहीं है. आइए बताते हैं इस हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार हैं. और क्या है ये पूरा मामला.

दरअसल 3 दिसंबर को बुलंदशहर के स्याना थाना क्षेत्र के एक खेत में गोकशी की आशंका के बाद ये बवाल शुरू हुआ. जिसकी शिकायत मिलने पर इंस्पेक्टर सुबोध कुमार पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे थे. इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा रही थी, इतने में ही तीन गांव से करीब 400 लोगों की भीड़ ट्रैक्टर-ट्राली में कथित गोवंश के अवशेष भरकर चिंगरावठी पुलिस चौकी के पास पहुंच गई और जाम लगा दिया.

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इसी दौरान भीड़ जब उग्र हुई तो पुलिस ने काबू पाने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े. लेकिन हिंसा इतनी भड़की कि जल्द ही फायरिंग भी होने लगी. जिसमें इंस्पेक्टर सुबोध कुमार घायल हो गए और एक युवक भी जख्मी हो गया. जैसे ही सुबोध कुमार को अस्पताल ले जाया जा रहा था तो उसी दैरान उपद्रवीयों उनकी वैन पर जमकर पथराव किया और  वैन को तहस नहस कर दिया.

उत्तेजित हथियारबंद भीड़ ने न सिर्फ पुलिस चौकी में तांडव मचाया बल्कि थाने में वाहनों को भी आग के हवाले कर किया. और पुलिस ने अब इस मामले में छापेमारी शुरू कर दी है. रातभर पुलिस ने महाव और चिंगरावठी गांव में छापेमारी की. जिसके बाद पुलिस ने स्याना क्षेत्र से 3 लोगों को गिरफ्तार किया है.

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इनसे पूछताछ की जा रही है. जबकि 4 लोगों को हिरासत में लिया गया है. और साथ ही अभी तक इस मामले में 75 लोगों पर केस दर्ज किया गया है. और 25 लोगों को नामजद किया गया है. पुलिस की कुल 6 टीमों ने 22 ठिकानों पर छापेमारी की है.

आपको बता दें कि पुलिस चश्मदीदों और सामने आई वीडियो-तस्वीरों के आधार पर छापेमारी कर रही है. महाव और चिंगरावठी, दोनों ही गांव घटनास्थल के नजदीक के गांव हैं. पुलिस के मुताबिक जो 400-500 लोगों की भीड़ आई थी वो भी इन्हीं गांवों से आई थी.

तो वहीं इस सिलसिले पर स्थानीय सांसद भोला सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सोमवार को गाय कटने के कुछ अवशेष बरामद हुए थे, जिसके कारण लोगों में गुस्सा था. यही कारण रहा कि लोगों ने वहां जाम लगाया, आक्रोश हुआ तो पुलिसवालों ने लाठीचार्ज किया. सांसद ने कहा कि इसी दौरान वहां गोली चली और लड़के की मौत हो गई, पुलिसवाला भी घायल हुआ है. जो भी घटना हुई है उसके लिए एसआईटी का गठन किया गया है.

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शहीद पुलिसकर्मी सुबोध कुमार के बेटे अभिषेक का कहना है कि मेरे पिता हमेशा हर धर्म का सम्मान करते थे. वो चाहते थे कि मैं भी अच्छा नागरिक बनूं जो किसी भी प्रकार की हिंसा ना करूं. आज मेरे पिता ने हिंदू-मुस्लिम के झगड़े में अपनी जान गंवाई है, कल पता नहीं किसके पिता के साथ ऐसा हो जाए.

तो वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक एसएचओ सुबोध सिंह के परिवार के दो बच्चों को 50 लाख रुपए और उनके परिवार को 10 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया है.

साथ ही घटना के बाद से ही गर्माते माहौल को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया है. मोर्चे पर RAF की 5 कंपनियां तैनात की गई हैं. यहां आने वाले हर वाहन की जांच की जा रही है, ताकि किसी और तरह से माहौल खराब ना हो पाए. साथ ही इस हिंसा को इज्तिमा कार्यक्रम से जोड़ना एकदम गलत है.

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