नई दिल्ली। ऊपर की लिखी बातें आपको जरूर डरा रही होगी. लेकिन ये सच है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 तक 52 प्रतिशत नौकरियां मशीनों के कब्जे में होंगी. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2022 तक दफ्तरों में इंसानों की हिस्सेदारी घटकर 58 प्रतिशत हो जाएगी और मशीनों की हिस्सेदारी 42 प्रतिशत होगी.

हालांकि रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रोबोट क्रांति से अगले पांच साल में 5.8 करोड़ नई नौकरियां उपलब्ध होंगी. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की एक नई रिसर्च ‘दी फ्यूचर ऑफ जॉब्स 2018’ के मुताबिक, मशीन और रोबोट्स को अपनाने से इंसानों के काम करने के तरीके में भारी बदलाव आएगा. हालांकि रोजगार की कुल संख्या के बारे में रिपोर्ट में बढ़ने की बाते कही गई हैं.

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सर्वे में शामिल कंपनियों ने कहा कि अभी कुल काम का 71 प्रतिशत इंसान करते हैं जबकि 29 प्रतिशत मशीनें. रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2022 में इंसानों की हिस्सेदारी कम होकर 58 प्रतिशत पर आ जाएगी और मशीनें 42 प्रतिशत काम करेंगी. जबकि साल 2025 तक मशीन और रोबोट्स 52 प्रतिशत काम करने लगेंगे.

हालांकि इस रिपोर्ट पर विश्व आर्थिक मंच ने कहा है कि इससे नौकरियों के अवसरों में व्यापक बढ़त दिखेगी और इससे नई भूमिकाओं की गुणवत्ता, स्थान, स्वरूप और स्थायित्व में जरूरी बदलाव आएगा.

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