सीएम कमलनाथ ने खेला दांव, बीजेपी की इस सीट से लड़ेंगे चुनाव!

मध्य प्रदेश के मुखिया कमलनाथ को अगर मुख्यमंत्री बने रहना है तो उन्हें 6 महीने के अंदर कहीं से भी चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचना होगा. वैसे कांग्रेस के लिए ये आसान नहीं है. क्यों कि राज्य में पार्टी के पास वैसे भी सीटों बहुमत से कम ही हैं.

इसलिए पार्टी के किसी विधायक को इस्तीफा देकर कमलनाथ को चुनाव लड़ाना ख़तरेभरा हो सकता है. इसलिए कमलनाथ अब भाजपा की सीट पर नज़र गड़ाए हुए हैं.सूत्रों की माने तो कमलनाथ बीजेपी की सीट पर चुनाव लड़ेंगे.

यानी कि मुख्यमंत्री कमलनाथ सिवनी से उपचुनाव लड़ लड़ेगे. और सिवनी सीट भाजपा विधायक दिनेश राय उर्फ मुनमुन के पास है. साथ ही कांग्रेस भाजपा की सीट से चुनाव लडऩे की रणनीति पर भी काम कर रही है जिससे कांग्रेस की एक सीट में इजाफा हो सके. सूत्रों के मुताबिक तो कांग्रेस सिवनी से भाजपा विधायक मुनमुन के लगातार संपर्क में है. वो इसलिए क्योंकि मुनमुन के रिश्ते सीएम कमलनाथ से काफी करीबी रहे हैं.

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जिसके चलते कयास तो ये भी लगाए जा रहे हैं कि मुनमुन को सीट छोडऩे पर उन्हें किसी निगम-मंडल में कुर्सी दी जा सकती है. आपको बता दें कि मुनमुन ने राज्यसभा चुनाव में भी कांग्रेस का साथ दिया था. और ये साथ तब निभाया था जब विवेक तन्खा को राज्यसभा चुनाव में जिताने का जिम्मा कमलनाथ ने लिया था. तो उस वक्त मुनमुन ने कमलनाथ की बात मानकर तन्खा के पक्ष में वोट किया था. हालांकि मुनमुन तो ये भी कहते हैं कि वे जनता से गद्दारी नहीं करेंगे, उन्हें क्षेत्र का विकास करना है.

छिंदवाड़ा की सौंसर सीट कमलनाथ के लिए दूसरी पसंद मानी जा रही है. यहां से विजय चौरे कांग्रेस के विधायक हैं. उनकी जीत का अंतर 20 हजार वोटों का रहा है, जबकि छिंदवाड़ा से 14 हजार और चौरई सीट से 13 हजार वोट के अंतर से कांग्रेस उम्मीदवार जीते हैं.

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आपको बता दें कि हाल ही में जब मुनमुन राय भाजपा में शामिल हुए थे. तो वे तब से ही छटपटाते हुए नजर आ रहे हैं. और वो काफी असहज महसूस भी कर रहे हैं. वो इसलिए क्यों कि हालही में उनका एक वीडियो सामने आया था जिसमें वे खुलकर कह रहे थे कि मजबूरी में भाजपा में शामिल हुआ हूं.

लेकिन यदि मुझे जो चाहिए वो नहीं मिला तो मै भाजपा से इस्तीफा दे दूंगा. साथ ही उन्होने कहा था कि भाजपा में सिर्फ इसलिए गया हूं क्योंकि जनता के काम नहीं हो रहे थे. जनता के काम कराने के लिए मैंने खुद को गिरवी रख दिया, अपना ईमान बेच दिया और कुर्बान हो गया हूं.

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