राम मंदिर का निर्माण उत्तर प्रदेश की सियासत के लिए एक बड़ा मुद्दा रहा है. और इस बार भी यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार राम मंदिर के निर्माण को लेकर सत्ता में आई है. साथ ही  इन दिनों राम मंदिर के निर्माण करने के लिए सरकार को हिन्दू संगठन और संत समाज की तरफ से काफी आलोचना भी झेलनी पड़ रही है. लेकिन अब ये सब देखते हुए योगी सरकार ने बड़ा एलान कर दिया.

दरअसल सीएम ने गोरखपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘मैं आप सबसे आग्रह करूंगा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की लीलाओं के साथ-साथ हम उनके आदर्शों को जीवन में उतारें. समाज में इसका प्रचार-प्रसार करें. रामलीलाओं की भव्यता के साथ-साथ समाज के इस भव्य मंदिर को भी उसी रूप में बनाने की तैयारी हमें करनी चाहिए. जिस प्रकार से भव्य मंदिर के रूप में राम की लीलाओं का आयोजन हम करते हैं.

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खास बात तो ये भी है कि बीजेपी की ओर से राम मंदिर निर्माण की बात ऐसे समय में की जा रही है जब कुछ दिन बाद ही सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या केस पर सुनवाई शुरू होने वाली है. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि मामला जमीन विवाद के तौर पर ही निपटाया जाएगा. अयोध्या जमीन विवाद मामले की सुनवाई 29 अक्टूबर से शुरू होगी. इस मामले में मुख्य पक्षकार राम लला विराजमान, निर्मोही अखाड़ा, सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और हिंदू महासभा हैं.

आपको बता दें कि विजयादशमी से एक दिन पहले राम मंदिर के मुद्दे को लेकर अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि राम मंदिर पर चल रही राजनीति को खत्म कर इसे तुरंत बनाना चाहिए. उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत हो तो सरकार इसके लिए कानून भी बनाए.

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दरअसल 2019 के लोकसभा चुनावों में अब कुछ ही महीने बचे हैं, ऐसे में राम मंदिर बनाने की मांग जोरों पर है..अब देखना ये होगा कि क्या योगी सरकार, केन्द्र सरकार से sc/st  कानून की तरह राम मंदिर पर संसद में विधेयक लाने का आग्राह करेगी.

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