राम मंदिर के निर्माण को लेकर इन दिनों देश की सियासत में घमासान मचा हुआ है. इस मुद्दे पर तमाम विपक्षी दल भाजपा को लगातार कोस रहे हैं. तो वहीं सुप्रीम कोर्ट की हालिया सुनवाई में इस मुद्दे को अगले साल के लिए टालने के बाद तमाम हिंदू संगठन ओर साधु-संत राम मंदिर के निर्माण के लिए सरकार को संसद में विधेयक लाने के लिए मांग कर रहे रहे हैं.

मगर मोदी सरकार की तरफ से अभी तक इस मुद्दे पर विधेयक लाने के लिए कोई भी ठोस पुष्टि नहीं की गई है. लेकिन अब खबर ये है कि कांग्रेस राम मंदिर बनाने के लिए मैदान में कूद पड़ी है. और कांग्रेस जल्द ही राम मंदिर बनाने जा रही है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सीपी जोशी

दरअसल राम मंदिर को लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सीपी जोशी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि कांग्रेस का प्रधानमंत्री ही राम मंदिर बनवाएगा. उन्होंने कहा कि बीजेपी कभी भी राम मंदिर का निर्माण नहीं करा सकती. मंदिर कांग्रेस ही बनवायेगी. जोशी ने आगे कहा कि चुनाव आते ही बीजेपी को राम याद आने लगते हैं. मगर नरेंद्र मोदी चार साल से अधिक समय के कार्यकाल में इस मुद्दे पर कुछ नहीं कर पाई. जब राम मंदिर का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है, तो बीजेपी राम मंदिर का निर्माण कैसे करा सकती है.

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उन्होंने कहा कि साल 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने ही उस विवादित परिसर का ताला खुलवाया था, जहां राम मंदिर स्थित है. आपको जानकारी के लिए बता दें कि 1986 में जब केंद्र में कांग्रेस की राजीव गांधी के नेतृत्व वाली सरकार थी. तो उसी समय इंदौर में रहने वाली शाहबानो के कानूनी तलाक भत्ते पर देशभर में राजनीतिक बवाल मच रहा था. सुप्रीम कोर्ट में केस जीतने के बाद भी शाहबानो को पति से हर्जाना नहीं मिल सका.

जिसके चलते ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने शाहबानो केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का खूब विरोध किया. इस विरोध को देखत हुए राजीव गांधी ने अपनी वोट बैंक के लिए ट्रप कार्ड खेलकर करके इस मुद्दे को तुरंत लपक लिया. और 1986 में राजीव गांधी की सरकार ने मुस्लिम महिला अधिनियम, 1986 पारित करके सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट दिया. जिसके बाद शाहबानो को तलाक देने वाला पति मोहम्मद गुजारा भत्ता के दायित्व से मुक्त हो गया.

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उसी दौरान फिर राजीव गांधी ने हिंदूओं का वोट लुभाने के लिए एक नया कार्ड खेल दिया, बरसों से बंद राम मंदिर का ताला खुलवाया दिया. जिसके बाद विवादित मस्जिद में पहले की तरह हिंदुओं को पूजा करने की इजाजत तो मिल गई, लेकिन सियासत ने करवट ली. और फिर ऐसे मुद्दों ने जन्म लिया जिसके बाद विवादित ढांचा को ढाहने की नौहबत आ गई.

सीपी जोशी के बयान से आपको क्या लगता है कि क्या कांग्रेस दोबारा सत्ता में आने के लिए ऐसे बयान दे रही है. और क्या मोदी सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले ही विधेयक लाकर राम मंदिर का निर्माण करा पायेगी.

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