देश में मोटर व्हीकल एक्ट एमेंडमेंड बिल 2019 लागू हो चुका है. अब इस एक्ट में जुर्माना पहले के मुकाबले कई गुना  बढ़ चुका हैं बावजूद इसके लोगों में काफी लापरवाही देखने को मिल रही है. लिहाजा अब धड़ल्ले से चालान भी काटा जा रहा है. चालान इतना की शायद अब इसे चुकाने के लिए आपकी सैलरी भी कम पड़े तो वहीं कई ट्रैफिक रूल्स ऐसे भी हैं जिन्हें आपने अभी तक फॉलो भी नहीं किया होगा. फॉलो करना तो दूर कभी सुना भी नहीं होगा.

अगर आप चप्पल पहनकर गाड़ी चलाने के शौकीन है तो अब ये बंद कर दीजिए क्योंकि अब चप्पल,  सैंडल पहनकर या फिर नंगे पैर गाड़ी चलाने पर भी जुर्माना लगेगा. अब गाड़ी चलाते वक्त सभी को  जूते पहनना जरूरी होगा.

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तो वहीं मोटर वाहन (एमवी) अधिनियम के नए प्रावधानों के तहत ड्राइवरों को ड्रेस कोड का पालन करना होता है,  लेकिन अभी तक इसे सख्ती से लागू नहीं किया जा सका लोकिन अब इस पर सख्ती की गई है. अगर कोई व्यक्ति लुंगी और बनियान पहनकर गाड़ियां चलाते हुए पकड़ा गया तो उन्हें 2,000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ेगा. आमतौर पर देखा जाता है कि ऐसे कपड़े पहनने से कई बार ड्राइवर को दिक्कत हो जाती है और दुर्घटना होने का खतरा बढ़ जाता है इसलिए चालकों को फुल-लेंथ पैंट और शर्ट या फिर टीशर्ट पहनकर ही गाड़ी चलाना होगा और यूपी की राजधानी लखनऊ में तो इसे और भी सख्त कर दिया गया है.

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नए प्रावधानों के तहत ये नियम सभी स्कूल वाहनों के चालकों के लिए भी लागू होगा. अब स्कूल वाहन चालकों को वर्दी पहनना जरूरी है. ऐसा नहीं है कि ये नियम नए बिल के दौरान बनाए गए हो. ड्रेस कोड 1939 से मोटर व्हीकल एक्ट का हिस्सा था और जब 1989 में अधिनियम में संशोधन किया गया था, तब इसके उल्लंघन के लिए 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया था. लेकिन अब मोटर व्हीकल ऐक्ट, 2019 की धारा 179 के तहत ड्रेस कोड के उल्लंघन पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगेगा. और ये नियम स्कूल वाहन चालको पर भी लागू है.

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इन सभी नियमों को लेकर लखनऊ ट्रैफिक पुलिस सक्रिय हो चुकी है और वहां अब इन सब पर चालान काटा भी जा रहा है.

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