नई दिल्ली। यमुना लगातार खतरे के निशान 206.60 मीटर जलस्तर के ऊपर बह रही है। नदी ने 205.33 मीटर के खतरे के निशान को पार कर बुधवार को 207 मीटर तक जा पहुंचा है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी ने मीडिया को बताया कि बुधवार की सुबह से नदी स्थिर हो रही है।

अधिकारी ने कहा, “हालांकि नदी में स्थिरता नजर आ रही है, लेकिन स्थिति गंभीर है और हम इस पर निगरानी रख रहे हैं।”

नदी का जलस्तर उत्तर भारत में बारिश होने और हरियाणा के हथनी कुंड बैराज से पानी छोड़ने के कारण बढ़ा था।

रविवार शाम को हरियाणा द्वारा 8.28 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने की बात बताते हुए अधिकारी ने कहा, “शनिवार से हर घंटे बैराज से पानी छोड़ा जा रहा है।”

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अधिकारी ने कहा कि दिल्ली को पेयजल उपलब्ध कराने वाले बैराज से छोड़े गए पानी को दिल्ली पहुंचने में 72 घंटे का समय लगता है।

रविवार से यमुना के किनारे रहने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।

पुराने यमुना पुल पर रेल और वाहनों के आवागमन को नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बंद कर दिया गया है।

रविवार रात को यमुना ने 204.5 मीटर के ‘खतरे के निशान’ को पार कर लिया था।

साल 1978 में यमुना का जलस्तर 207.9 मीटर तक पहुंचने पर दिल्ली में बाढ़ आ गई थी।

(न्यूज इनपुट: एजेंसी)

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