दुनिया भर में कश्मीर मसले पर दुष्प्रचार फैलाने में जुटे पाकिस्तान के पीएम इमरान खान अब अपने ही मुल्क में पूरी तरह से घिर चुके हैं. और नौबत यहां तक आ गई है कि किसी भी वक्त उनके हाथ से सत्ता की चाबी छिन सकती है. जहां हाल ही में पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर बाजवा ने कारोबारियों के साथ बैठक की और आदेश जारी करते हुए 111 ब्रिगेड की छुट्टियां रद्द कर दी थी. तो वहीं अब इमरान के एक बड़े करीबी नेता ने उनके खिलाफ जंग छेड़ दी है.

दरअसल चरमपंथी नेता फजलुर रहमान भी अब इमरान के खिलाफ मैदान में उतर आए हैं. एक समय था, जब इमरान खान ने सेना और चरमपंथी नेताओं का ही साथ लिया था, लेकिन अब ये दोनों ही उनकी राह के कांटे साबित हो रहे हैं. जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के प्रमुख फजलुर रहमान ने आजादी मार्च का ऐलान कर उनकी मुसीबतें बढ़ा दी हैं.

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जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के प्रमुख फजलुर रहमान

हालांकि इमरान खान भारत विरोधी बयानों और कश्मीर राग के जरिए जनता का ध्यान बांटने में लगे हुए हैं. तो वहीं जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के प्रमुख फजलुर रहमान ने शनिवार को अपने ‘आजादी’ मार्च को सरकार के खिलाफ ‘जंग’ करार दिया. उन्होंने कहा कि ये तब तक समाप्त नहीं होगा, जबतक इस सरकार का पतन नहीं हो जाता. उन्होंने पेशावर में एक प्रेस वार्ता में पत्रकारों से कहा, ‘पूरा देश हमारा युद्धक्षेत्र होगा.’

यही नहीं बल्कि रहमान ने 27 अक्टूबर को राजधानी इस्लामाबाद में ‘आजादी’ मार्च का ऐलान किया है. साथ ही इमरान खान को कड़ी चेतावनी देते हुए फजलुर रहमान ने कहा कि ये आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि सरकार गिर नहीं जाती. बता दें कि हाल ही में आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा ने कारोबारियों के साथ मीटिंग की थी. और ऐसे में इमरान के सामने आजादी मार्च की चुनौती संकट को बढ़ाने वाली है.

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तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान की विपक्षी पार्टीयों से लेकर वहां की आवाम तक इमरान खान के खिलाफ हल्ला बोल रही है.और इमरान को प्रधानमंत्री की कुर्सी से हटाने की मांग हो रही हैं. यानी कि अब इमरान खान चारों तरफ से बुरी तरह घिर चुके हैं. और हालात भी कुछ ऐसे बन रहे हैं कि पाकिस्तान में अब जल्द ही तख्तापलट होने वाला है.

जहां पाकिस्तान की जनता बदहाली से गुजर रही अर्थव्यवस्था को लेकर इमरान खान को कटघरे में खड़ी कर रही है तो वहीं सेना भी नाराज नज़र आ रही है. क्यों कि इमरान खान ने अमेरिका में जाकर इस बात का खुलासा किया था कि पाकिस्तान के अंदर अब 30 से 40 हजार आतंकी मौजूद हैं जो हिंसा और दहशतगर्दी फैला रहे हैं. जिसके बाद से ही सेना इमरान से नाखुश है. क्यों कि इस बात को पूरी दुनिया भलीभांति जानती है कि पाकिस्तान की सेना ही कश्मीर घाटी में दहशतगर्दी फैलाने के लिए आंतकवादियों का भरपूर सहयोग करती आ रही है. जिसके दम पर आतंकवादी सीमा पार घुसपैठ करके अपनी नापक हरकतों को अंजाम देते हैं.

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खैर अब देखना ये होगा कि फजलुर रहमान का इमरान खान के खिलाफ मार्च निकालना पाकिस्तान में तख्तापलट के लिए कितना ठीक साबित होता है. इमरान खान की कुर्सी पर जिस तरह से संकट के बादल मंडरा रहे हैं उस पर आपकी क्या राय है कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.

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