बीकानेर राजस्थान का एक प्रसिद्ध शहर है. अपनी संस्कृति और धरोहर के लिए ये देश-दुनिया में पहचाना जाता है. यहां हर साल जनवरी के महीने में दो दिन का ‘ऊंट उत्सव’ यानी ‘camel festival’ आयोजित किया जाता है. इस साल यह उत्सव 12 से 13 जनवरी तक बड़े ही धूम-धाम से मनाया जा रहा है.

राजस्थान में ऊंटों का महत्व कितना है, इसे इस बात से ही समझा जा सकता है कि ऊंट को रेगिस्तान का जहाज कहा जाता है. बता दें, ऊंट उत्सव के दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. इनमें ऊंट की सवारी, ऊंट का नृत्य और दहकते अंगारों पर पारंपरिक नृत्य जैसी अलग-अलग तरह की सांस्कृतिक गतिविधियां की जाती हैं. इस कार्यक्रम के दौरान जमकर आतिबाजी और नाच-गाना किया जाता है और पर्यटक इसका खूब लुत्फ उठाते हैं.

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गुनगुनी धूप में रेत पर कुश्ती से लेकर ऊंट को सजाने का खास अंदाज ऊंट उत्सव की पहचान है. इस उत्सव का आगाज जूनागढ़ फोर्ट से ऊंटों के जुलूस के साथ होता है. रेस में दौड़ने के अलावा राजस्थानी संगीत पर करतब दिखाते ऊंट फेस्टिवल को यादगार बनाते हैं.

आंखों से लेकर पैरों तक सजे हुए ऊंट पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. दो दिन के इस उत्सव में विदेशी पर्यटक राजस्थान के देसी खानपान का स्वाद चखने के साथ हैंडीक्राफ्ट से रूबरू होते हैं. और साथ ही शाम को होने वाले म्यूजिकल कॉन्सर्ट और डांस परफॉर्मेंस में देसी रंग बिखेरते हैं.

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इतना ही नहीं, ऊंट उत्सव में आप जमकर राजस्थानी चीजों की खरीदारी भी कर सकते हैं. इनमें राजस्थानी जूतियां जिन्हें स्थानीय भाषा में मोजड़ी कहते हैं. साथ ही वहां की ट्रेडिशनल जूलरी, जयपुरी प्रिंट के कपड़े, साड़ियां, चुनरी और लहंगे जैसी कई वैरायटी उपलब्ध है.

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