अयोध्या राम मंदिर मामले में मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन को जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने हटा दिया है। ये वही राजीव धवन जिन्होंने अयोध्या मामले में बाबरी के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट में जिरह के दौरान रामजन्मभूमि का नक्शा फाड़ दिया तथा सरेआम हिन्दू आस्थाओं को दुख पहुंचाया था। राजीव धवन ने सोचा था कि इसके बदले मुलिस्म पक्ष से उन्हें इनाम मिलेगा लेकिन जो हुआ है, इसका अंदाजा उन्हें बिल्कुल भी नहीं था।

गौरतलब है कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सोमवार (1 दिसंबर) को अयोध्या मामले पर दिए फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की है, जिसमें अब राजीव धवन वकील नहीं होंगे। इसकी जानकारी खुद राजीव धवन ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से दी है। राजीव धवन ने कहा है कि मुझे अयोध्या मामले के केस से हटा दिया गया है।

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राजीव धवन ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि मुझे ये बताया गया कि मुझे केस से हटा दिया गया है, क्योंकि मेरी तबियत ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि बिल्कुल बकवास बात है।

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