बकरीद 12 अगस्त को है. इससे पहले घाटी के माहौल पर सबकी नजरें हैं. आर्टिकल-370 हटाए जाने के बाद तनाव की स्थिति के कयास लगाए जा रहे थे लेकिन अभी माहौल सही है, कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई है. जम्मू से जहां धारा-144 हटा ली गई और कश्मीर में धारा 144 लागू है लेकिन बकरीद को देख कर कुछ जगहों पर ढील दी गई है. बकरीद को देखते सरकार ने अहम कदम उठाए हैं. प्रशासन की ओर से लोगों के दरवाजे तक एलपीजी सैलेंडर, सब्जियां, बकरे, मुर्गे भेजे जा रहे हैं. सरकार ने 2.50 लाख भेड़-बकरी कुर्बानी के लिए भेजी हैं. प्रधानमंत्री मोदी जम्मू-कश्मीर के लोगों को बकरीद पर बधाई संदेश पहले ही दे चुके हैं।

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जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने लोगों के लिए 300 स्पेशल टेलीफोन बूथ बनाए हैं, जिससे देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले जम्मू-कश्मीर के स्टूडेंट अपने परिजनों से बातचीत कर सकें और बकरीद मना सकें.

जम्मू-कश्मीर में आम लोगों को खाने-पीने और रोजमर्रा के सामानों की कोई दिक्कत न हो. इसके लिए खास व्यवस्था की गई है. इसके लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने रोजमर्रा के जरूरी समानों को इकठ्ठा किया है. 65 दिन के लिए गेहूं का स्टॉक. 55 दिन के लिए चावल. 17 दिन के लिए मटन. एक महीने के लिए चिकन. 35 दिन के लिए कैरोसीन ऑयल. एक महीने के लिए एलपीजी. 28 दिन के लिए हाईस्पीड डीजल और पेट्रोल का स्टॉक रखा गया है.कश्मीर में 3,557 राशन स्टोर को चालू  किया गया है.यहां से आम लोग राशन की खरीददारी कर सकते हैं. मोबाइल वैन के जरिए सब्जियों, एलपीजी, चिकन और अंडे लोगों के दरवाजे तक पहुंचाए जा रहे हैं. बकरीद पर कुर्बानी के लिए 2 लाख 50 हजार भेड़-बकरियां उपलब्ध कराई गई हैं. साथ ही छुट्टी के दिन बैंक खुले रखने और एटीएम चालू रखने का फैसला लिया गया है.इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के कर्मचारियों का वेतन जारी किया गया जा रहा है

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pm

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