आप और आपकी जिन्दगी आज कल मोबाइल से बहुत करीब है, क्योंकि मोबाइल का जमाना है और जब से जियो कंपनी आई है. तब से तो हर हाथ में मोबाइल पहुंच गया है, क्योंकि वो बहुत सस्ता है. कुछ दिन तो एकदम फ्री था. अब भी फ्री काललिंग की सुविधा वाले प्लान देता है. लेकिन अब जिओ आपको फ्री कालिग की सुविधा नहीं देगा. वो आपके पैसे काटेगा. कितने पैसे काटेगा, क्यों काटेगा?

दरअसल, अब जियो आपसे 6 पैसा प्रति मिनट की दर से चार्ज काटेगा. ये चार्ज तभी काटा जाएगा, जब आप जियो के अलावा किसी और नेटवर्क पर काल करते हैं. मान लीजिए आपके पास जियो है और मेरे पास आइडिया और आप मुझे काल करते हैं तो आपके 6 पैसे प्रति मिनट कटेंगे. इस चार्ज को कहते है इंटरकनेक्ट यूजेस चार्ज यानी आईयूसी. ध्यान रखें ये पैसे जियो ही नहीं सभी कंपनियां काटती है लेकिन जियो अबतक नहीं काटती थी और जियो ये पैसे नहीं काटना चहाती थी लेकिन जियो की एक मजबूरी है. वो मजबूरी क्या है कि उसे समझने के लिए पहले आप इंटरकनेक्ट यूजेस चार्ज यानी आईयूसी को समझें.

दरअसल, एक टेलिकॉम नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर कॉलिंग के लिए ट्राई की ओर से तय किए गए एक शुल्क का भुगतान कंपनियों को करना पड़ता है. जिस नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर कॉल की जाती है, उसे दूसरे नेटवर्क को ये आईयूसी फीस देनी पड़ती है. उदाहरण के लिए अगर एयरटेल कस्टमर ने किसी जियो कस्टमर को कॉल किया है, तो एयरटेल जियो को इसके लिए आईयूसी चार्ज देगा और अगर जियो कस्टमर की ओर से एयरटेल के नंबर पर कॉल की गई तो जियो भी एयरटेल को आईयूसी चार्ज देगा. ऐसा चलता रहा है. ये तब अच्छा रहता है, जब सभी कंपनियों के पास आने वाले कॉल्स की संख्या लगभग समान हो.  क्योंकि जब समान संख्या होगी तो सभी एक दूसरे को समान रकम को देनी होगा. जिससे संतुलन बना रहेगा. किसी कंपनी को नुकसान नहीं होगा.

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जितना आईयूसी चार्ज देना पड़ रहा है, उतना ही दूसरे ऑपरेटर्स से मिल जाएगा तो फायदा या नुकसान शून्य हो जाएगा अब जैसे ही रिलायंस जियो की टेलिकॉम मार्केट में इंट्री हुई. तो ज्यादातर लोग जियो की ओर शिफ्ट हो गए. दूसरी कंपनियों को छोडंने लगे आज के वक्त वोडाफोन-आइडिया का मार्केट शेयर 32.53 प्रतिशत है वो भी तब जब दोनो कंपनियां एक हुई हैं. जियो का मार्केट शेयर 29.08 प्रतिशत है और एयरटेल का शेयर 28.12 प्रतिशत. जैसे ही मार्केट में जियो के शेयर बढ़ने लगे. उसके कस्टमर ज्यादा हो गए तो जियो के फोन करने वाले भी ज्यादा हो गए. अब जितनी ज्यादा काल जियो की ओर से किसी और कंपनी को जाएगी तो जियो को उतना ही इंटरकनेक्ट यूजेस चार्ज दूसरी कंपनियोम को देना होगा.

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लोगो को फ्री देने के चक्कर में जियो ने अब तक वोडाफोन आइडिया और एयरटेल को लगभग 13,500 करोड़ रुपये आईयूसी चार्ज अपनी ओर से दिए हैं और वो 2020 तक देना चहाती थी. लेकिन टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) की ओर से 2017 में आईयूसी चार्ज 6 पैसा प्रति मिनट तय किया गया था, तब ये कहा गया था कि ट्राई 1 जनवरी, 2020 को ये चार्ज पूरी तरह से खत्म कर देगी. तो जियो ने सोचा ठीक है 2020 तक फ्री में चलने देते हैं 2020 तक जितना चार्ज भुगतना होगा भुगत लेंगे. लेकिन अब ट्राई ने रिव्यू के लिए आईयूसी से जुड़ा कंसल्टेशन पेपर मांगा है और आईयूसी को खत्म करने यानी इस 6 पैसे वाले चार्ज को खत्म करने की बजाय इस अवधि को बढ़ाने का सोचा है. इसलिए जियो ने भी तय किया है कि वो चार्ज वसूलेगा तब तक जब तक ट्राई इस चार्ज को पूरी तरह खत्म नहीं कर देगा.

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अब इस चार्ज के लिए जियो ने 10 रुपए से लेकर 100 रुपए तक के कई प्लान निकाले हैं. सबसे छोटा आईयूसी टॉप-अप वाउचर 10 रुपये का है. इसमें आपको 124 आईयूसी मिनट्स के साथ 1 जीबी 4G डेटा भी फ्री मिलेगा. 20 रुपये का है. उसमे आपको 249 आईयूसी मिनट के साथ आपको 2 जीबी अडिशनल डेटा भी फ्री मिलेगा.  50 रुपये के प्लान में यूजर्स को 656 मिनट दिए जा रहे हैं.  साथ ही 5 जीबी डेटा भी फ्री मिलेगा. 100 रुपए के प्लान मे आपको 1,362 आईयूसी मिनट्स के अलावा 10 जीबी 4G डेटा फ्री मिलेगा. और ये प्लान तब तक चलेंगे जब तक ये मिनट खत्म नहीं हो जाते. ये रिचार्ज आपको अलग से करवाना होगा. इसकी कोई तय वैलिडिटी नहीं है. ये तब तक चलेगा जब तक खत्म ना हो जाए.

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