PM Modi
Mumbai: Prime Minister Narendra Modi waves during a BJP function, in Mumbai on Tuesday, June 26, 2018. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad) (PTI6_26_2018_000136A)

2014 से अपना पहला कार्यकाल पूरा कर रहे नरेन्द्र मोदी अब एक बार फिर दूसरे कार्यकाल के लिए जनता के बीच होंगे. आने वाले आम चुनावों में पार्टी की कोशिश बीते पांच साल के दौरान शुरू की गई योजनाओं की सफलता पर सत्ता में कायम रहने की होगी.

बता दें कि केन्द्र सरकार की इन पांच योजनाओं के आंकड़ों के देखा जाए तो 2019 में ये योजनाएं सत्ता की बाजी पलट सकती हैं.

मुद्रा योजना
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी और माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशन द्वारा छोटे और मध्यम कारोबारियों को बिना किसी सिक्योरिटी के कर्ज देने का प्रावधान है. बता दें कि यह कर्ज नॉन एग्रीकल्चरल सेक्टर में छोटे कारोबार को बढ़ावा देते हुए रोजगार बढ़ाने के लिए दिया जाता है. इस योजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 अप्रैल 2015 को लॉन्च किया और इसके तहत 5.71 लाख करोड़ रुपये का कर्ज बांटा जा चुका है. जानकारी के मुताबिक इस योजना का लाभ तीन साल के दौरान 12.27 करोड़ लोगों को दिया जा चुका जिसमें 3.49 करोड़ लाभार्थियों ने नए कारोबार के लिए कर्ज लिया है.

जरुर पढ़ें:  पश्चिम बंगाल में सीबीआई और सरकार के बीच मचे बबाल पर ततकाल सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट का इनकार ,जानिए क्या है मामला

उज्जवला योजना
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे 5 करोड़ परिवारों को बिना किसी सिक्योरिटी राशि के एलपीजी कनेक्शन दिए जाने का प्रावधान किया गया. जिसके लॉन्च के बाद 5 करोड़ परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रिकॉर्ड 28 महीनों में पूरा कर लिया गया. जिसके बाद मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान इस योजना का लक्ष्य 8 करोड़ परिवार कर दिया गया है औऱ केन्द्रीय बजट से योजना के लिए 12,800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

आवास योजना
ग्रामीण क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देश में सभी परिवारों के लिए 2022 तक घर का प्रावधान किया गया है. बता दें कि इस योजना को 20 नवंबर 2016 को लॉन्च किया गया और 2022 तक 2.95 करोड़ मकान बनाने का लक्ष्य तय किया गया.

जरुर पढ़ें:  पाकिस्तानी क्रिकेटर की इस दुर्दशा के बाद तो पाक को खुद पर आनी चाहिए शर्म...

इस योजना के पहले चरण में 31 मार्च 2019 तक 1 करोड़ पक्के घर बनाने का लक्ष्य है. केन्द्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2014-15 से 2017-18 तक ग्रामीण क्षेत्र में कुल 1.07 करोड़ पक्के मकान तैयार कर लिए गए हैं. इनमें से 38.20 लाख मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत औऱ बचे हुए मकान इंदिरा आवास योजना के तहत बने हैं.

शौचालय योजना
मोदी जी ने स्वच्छ भारत मिशन को 2 अक्टूबर 2014 को लॉन्च किया और 2 अक्टूबर 2019 तक इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्ण स्वच्छता का लक्ष्य तय किया गया. लॉन्च करने के बाद से अभी तक 7.94 करोड़ से अधिक शौचालय का निर्माण किया गया है. इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को घर में शौचालय बनाने के लिए 12,000 रुपये देने का प्रावधान है.

बता दें कि यह रकम दोनों केन्द्र सरकार और राज्य सरकारें एक तय फॉर्मूले के तहत देती हैं. केन्द्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 31 अगस्त 2018 तक 88.9 फीसदी ग्रामीण इलाकों में शौचालय निर्माण का काम पूरा किया जा चुका है.

जरुर पढ़ें:  गोवा को मिले नए सीएम, प्रमोद सावंत ने संभाली गोवा की कमान..

जनधन योजना
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत समाज के कमजोर तबके और कम आय वाले परिवारों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है. बता दें कि योजना के तहत गरीब नागरिकों को सेविंग बैंक अकाउंट के साथ-साथ कर्ज लेने, पैसा ट्रांसफर करने, इंश्योरेंस और पेंशन जैसी सुविधाओं को भी जोड़ा गया है.

ताजे आंकड़ों के मुताबिक देश में 32.41 करोड़ जनधन खाते खोले जा चुके हैं. इन खातों में कुल जमा 81,200 करोड़ रुपये से अधिक है. जनधन के तहत खुले बैंक खातों में 53 फीसदी खाते महिलाओं के खोले गए हैं और 59 फीसदी खाते देश के ग्रामीण इलाकों और कस्बों में खुला है.

Loading...