कश्मीर में कुछ बड़ा होने वाला है ऐसे कुछ शब्द कई दिनों से सुनने को मिल रहे थे लेकिन ये साफ तब हुआ जब गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में जम्मू कश्मीर से जुड़ा संकल्प पत्र पेश किया. इससे केंद्र सरकार ने राज्य को मिलने वाला विशेष दर्जा खत्म कर दिया है. पहले जम्मू कश्मीर और लद्दाख एक ही राज्य थे लेकिन इस सबके बाद ये दो केंद्रशासित प्रदेशों के रूप में बंट गए हैं. हमेशा की तरह कांग्रेस ने इस बार भी सरकार को समर्थन नहीं दिया है, बल्कि राहुल गांधी ने तो ये तक बोला है कि सरकार का ये फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है साथ ही ये भी कहा है कि देश लोगों से बनता है जमीन क टुकड़ों से नहीं.

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तो वहीं इस बार बसपा सुप्रीमो मायावती ने अनुच्छेद 370 हटाने को लेकर केंद्र सरकार का समर्थन किया है. मायावती का कहना है कि सरकार के इस फैसले से आगे चलकर वहां के लोगों को फायदा मिलेगा. दरअसल मायावती ने मोदी सरकार को समर्थन देते हुए ट्वीट किया, “संविधान की ‘सामाजिक, आर्थिक व राजनैतिक न्याय’ की मंशा को देश भर में लागू करने के लिए और धारा 370 और 35A की वजह से जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष दर्जे को हटाने की मांग काफी लम्बे समय से थी. अब बसपा बस यही उम्मीद करती है कि केंद्र सरकार के इस फैसले का सही फायदा वहां के लोगों को आगे मिलेगा.”

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आगे उन्होंने ये भी लिखा कि, “इस तरह से, जम्मू-कश्मीर के लेह-लद्दाख को अलग से केंद्र शासित प्रदेश घोषित किए जाने से खासकर वहां के बौद्ध समुदाय के लोगों की बहुत पुरानी मांग अब पूरी हुई है, बसपा जिसका भी स्वागत करती है. इससे पूरे देश में, सबसे जरुरी बाबा साहेब डॉ़ भीमराव अम्बेडकर के बौद्ध अनुयाई काफी खुश हैं.”

दरअसल जम्मू कश्मीर से धारा 370 को हटाने के लिए गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में प्रस्ताव पेश किया था. जब से प्रस्ताव संसद में रखा गया है उसके बाद से विपक्ष लगातार विरोध कर रही है, तो वहीं इस प्रस्ताव पर बसपा ने केंद्र सरकार का समर्थन कर सबको चौंका दिया है. विपक्ष धारा 370 को हटाने वाले प्रस्ताव पर दो भागों में बंट गया है.

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