#MeToo मूवमेंट अभियान की आग भारत के हर कोने फैल रही है. एक अरसे बाद महिलाएं अपनी आपबीती दुनिया के सामने रख रही हैं. इस अभियान के फंदे में कई नेता, अभिनेता और पत्रकार फंसते हुए नज़र आ रहे हैं. और इसे देखते हुए एक नया मामला भी सामने गया है. यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष फिरोज खान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

छात्र संगठन NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष फिरोज खान

फिरोज खान पर बीते दिनों ही एक ओपन लेटर के जरिए यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे. गुंजा कपूर के द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को खुला पत्र लिखा गया था, जिसमें NSUI प्रेसिडेंट फिरोज खान, सोशल मीडिया टीम के हिस्सा चिराग पटनायक के ऊपर कुछ महिलाओं ने उत्पीड़न के आरोप लगाए थे.

पत्र के अनुसार, चिराग के बारे में महिला ने सोशल मीडिया टीम की हेड दिव्या स्पंदना को भी बताया था. लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी. फिरोज खान पर छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता ने उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था. फिरोज खान के खिलाफ ये मामला जून के महीने में सामने आया था, लेकिन उन्होंने लगभग अब 4 महीने बाद अपना पद छोड़ा है.

जरुर पढ़ें:  जानें पीएम मोदी की ये 5 बड़ी योजनाएं, पलट सकती है 2019 में सत्ता की बाजी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी खुल तौर पर #MeToo कैंपेन का समर्थन कर चुके हैं. राहुल ने इसके पक्ष में ट्वीट करते हुए कहा था कि “अब वक्त आ गया है कि सभी लोग महिलाओं के साथ इज्जत और सम्मान के साथ पेश आना सीख लें, मुझे खुशी है कि जो ऐसा नहीं कर रहे हैं उनके लिए दायरा खत्म होता जा रहा है, सच्चाई को जोर से और स्पष्ट शब्दों में कहा जाना चाहिए ताकि बदलाव लाया जा सके.”

बता दें कि मीटू कैंपेन के तहत केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर कई महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. जिसके बाद कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष अकबर का इस्तीफा मांग रहा है. जम्मू-कश्मीर के उधमपुर के पोगल परिस्तान के रहने वाले फिरोज खान 2017 में NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए थे. खान NSUI में राष्ट्रीय सचिव रह चुके हैं. बाद में उन्हें यूपी सहित कई राज्यों का NSUI का प्रभारी महासचिव भी बनाया गया.

जरुर पढ़ें:  बिस्तर पर बेहद 'ठंडे' थे डोनल्ड ट्रंप- स्टॉर्मी डैनियल्स

कानून और मानवाधिकार की पढ़ाई करने वाले खान ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बतौर RTI एक्टिविस्ट की थी. उन्हें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में NSUI को खड़ा करने का श्रेय दिया जाता है. इससे पहले फिरोज कार्यकारी राष्ट्रीय सचिव के तौर पर काम करते आए हैं.

Loading...