हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्‍मद से उनके देश में नहीं है। वहीं सेना का कहना था कि इस संगठन से पाकिस्‍तानी हुकूमत का कोई लेना देना नहीं है। लेकिन ये सारे दावे उस वक्त झूठे साबित हो गए जब पुलवामा आतंकी हमले की जिम्‍मेदारी लेने वाला आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्‍मद के सरदार मसूद अजहर का एक ऑडियो क्लिप सामने आया है।

इस क्लिप में उसने कहा है कि ‘वह अभी जिंदा है।’ उसने आगे कहा है कि ‘अल्‍लाह से डरो।’
वही दूसरी तरफ तमाम अंतरराष्‍ट्रीय दबाव के बाद पाकिस्‍तान पुलिस ने उसके भाई और बेटे को पुलिस कस्‍टडी में लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।

इस ऑडियो क्लिप के पहले मसूद को लेकर पाकिस्‍तानी सरकार और सेना के बीच दो अंतरविरोधी बयान सामने आए हैं। पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री महमूद कुरैशी ने कहा था कि मसूद अजहर फरार नहीं है, वह देश में ही है। इसके उलट पाकिस्‍तानी सेना के प्रवक्‍ता मेजर जनरल आसिफ गफ्फूर ने कहा था कि मसूद अजहर पाकिस्‍तान में नहीं है। सेना का कहना है जैश संगठन पाकिस्‍तान में नहीं है। सेना प्रवक्‍ता ने कहा ऐसे में जैश के खिलाफ कार्रवाई करने का औचित्‍य ही नहीं बनता है।

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इन सब बयानों के बीच पाकिस्‍तान पर आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका और फ्रांस समेत दुनिया के तमाम मुल्‍कों ने पाकिस्‍तान पर आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोर कार्रवाई का आश्‍वासन मांगा है। उधर, आंतकवाद को धन मुहैया कराने के विरुद्ध नीतियों का निर्धारण करने वाली संस्‍था वित्तीय कार्रवाई कार्यदल (FATF) ने भी पाकस्तिान को आगाह किया है। पाकिस्‍तान के तमाम आग्रहों के बावजूद इस संस्‍था ने अपने पेरिस बैठक में पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्‍ट में बरकरार रखा है।

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