पाकिस्तान जिसका दूसरा नाम है आंतकवाद. एक ऐसा देश जो आतंक को जन्म देता है, पालता है और पनाह भी देता है. आलम ये है खुद यहां के पीएम इमरान खान भी इसी आंतक की आड़ में भारत को युद्द की गीदड़भभकियां देते रहते हैं. लेकिन अब आतंक के खिलाफ सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया खड़ी है. इस बात का सबूत हमें जम्मू कश्मीर मसले पर भी देखने को मिला. जब संयुक्त राष्ट्र के मंच पर रेंकने के बाद भी इमरान को सबने ठेंगा ही दिखाया क्योंकि सब जानते हैं ये पाक सिर्फ आतंक को पाल सकता है जम्मू कश्मीर को नहीं.

अपनी इन्हीं हरकतों की वजह से बड़बोले पाक पर एक और गाज गिरने वाली है जिसके बाद तो इसके सारे ना पाक इरादों पर पानी फिरना तो तय है.

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आपको बता दें, इसी साल अगस्त में आई फाइनेंशल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) के एशिया पसिफिक ग्रुप (APG)  की अंतिम रिपोर्ट में  पाकिस्तान अपने कानूनी और वित्तीय प्रणालियों के लिए 40 मानकों में से 32 को पूरा करने में विफल रहा है. इसके अलावा टेरर फंडिंग के खिलाफ सुरक्षा उपायों के लिए 11 मापदंडों में से 10 को पूरा करने में भी फेल रहा था. जिसके बाद ये लगभग तय था कि पाकिस्तान अक्टूबर में ब्लैक लिस्ट हो सकता है, क्योंकि एफएटीएफ की 27-पॉइंट एक्शन प्लान की 15 महीने की समयावधि इसी साल अक्टूबर में खत्म हो रही है.

और अब जब FATF की पेरिस में एक अहम बैठक होने वाली है उससे पहले ही पाकिस्तान को एक करारा झटका लगा गया है. जी हां दुनियाभर में टेरर फंडिंग पर नजर रखने वाली संस्था FATF के एशिया पसिफिक ग्रुप (APG) का कहना है कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सिक्यॉरिटी काउंसिल रेजॉल्यूशन 1267 को लागू करने में अभी तक कोई कदम नहीं उठाया.  पाकिस्तान को अक्टूबर तक का समय दिया गया था जिसमें उसे FATF के हर मोर्चे पर खरा उतरना था लेकिन पाक है कि सुधरने का नाम नहीं ले रहा. यहां तक कि उसने संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों हाफिज सईद, मसूर अजहर और एलईटी, जेयूडी व आफआईएफ जैसे आतंकी संगठनों को लेकर कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया है. जिसके बाद तो ये तय है कि FATF की 12 से 18 अक्टूबर तक होने वाली बैठक में पाक की अंतिम समीक्षा होगी और इसी के साथ पाक को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा.

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अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इंग्लैंड के दबाव के बाद फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) पाकिस्तान को पिछले साल जून 2018 से ग्रे लिस्ट में डाला था . इससे पहले भी पाक साल 2012 से 2015 तक FATF की ग्रे लिस्ट में रहा था. पाक ने जून 2018 में FATF से एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग मैकेनिजम को मजबूत बनाने के लिए उसके साथ काम करने का वादा किया था. लेकिन ऐशिया पसिफिक ग्रुप (APG) की रिपोर्ट से पाकिस्तान के झूठ की पोल खुल गई है. जिससे अब पाक की मुश्किलें और बढ़ने वाली है.

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