गोवा के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर परिकर का 17 मार्च को निधन हो गया था. उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए राजकीय कला अकादमी में रखा गया था. ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि जिस स्थान पर उनके शव को रखा गया था उसका शुद्धिकरण करवाया गया है. गोवा के कला एवं संस्कृति मंत्री ने इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं. रिपोर्ट के अनुसार शुद्धिकरण की यह प्रक्रिया कथित तौर पर संस्थान के कुछ कर्मचारियों के इशारे पर हुई. जिसमें चार पुजारियों ने मंत्रोच्चार किया. यह मामला तब सामने आया जब इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगीं. जिससे लोग नाराज हो गए उनका कहना है कि इस काम से परिकर का अपमान हुआ है.

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सरकार के एक अधिकारी ने कहा, ‘यह शर्म की बात है और मुख्यमंत्री का अपमान है’. कला एवं संस्कृति मंत्री गोविंद गौड़ ने कहा कि उन्होंने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. उनसे जब इस शुद्धिकरण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मैंने कला अकादमी परिसर में आज अनुष्ठान के रूप में की जाने वाली कुछ गतिविधियों पर ध्यान दिया है. हम सरकारी भवनों के अंदर होने वाली अवैज्ञानिक गतिविधियों को बढ़ावा या संरक्षण नहीं देते हैं.’

हालांकि गौड़ ने कहा कि उन्हें अकादमी के अंदर हुए संस्कार की प्रकृति के बारे में जानकारी नहीं है. सरकार द्वारा संचालित होने वाली संस्था आमतौर पर सरकार से आज्ञा लेकर साल में एक बार धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन करती है. इस मामले में गौड़ का कहना है कि यह अनुष्ठान उनकी जानकारी के बिना हुआ है.

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गौड़ ने कहा, यह शुद्धिकरण नहीं था जैसा कि कहा जा रहा है लेकिन मुझे नहीं पता कि यह रीति कैसे हुई. सोमवार को जैसे ही जांच रिपोर्ट आएगी तो मुझे इसके बारे में पता चल जाएगा. बता दें कि गोवा के मुख्यमंत्री के पार्थिव शरीर को कला अकादमी में सुबह 10 बजे से शाम के 4 बजे तक रखा गया था. यहां उन्हें राष्ट्रीय और राज्य नेताओं ने श्रद्धांजलि दी थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यहीं पर परिकर को आखिरी विदाई दी थी. कैंसर की बीमारी से जूझते हुए 63 साल की उम्र में परिकर का निधन हो गया था. वह पिछले एक साल से अग्नाशय कैंसर से पीड़ित थे. उनका अमेरिका, मुंबई, नई दिल्ली में इलाज चला था.

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