राफेल..राफेल..राफेल.. लगभग पिछले एक डेढ़ साल से पूर देश में राफेल-राफेल हो रहा है. पहले राहुल गांधी ने राफेल को मुद्दा बनाया तो अब नीबू-मिर्च ने राफेल को सुर्खियों में ला कर खड़ा कर दिया है. राफेल के बारे में चर्चा इतनी है कि कभी-कभी तो लगने लगता है कि भारत में सारे के सारे राफेल आ गए हैं और वे पाकिस्तान पर हमला करने के लिए तैयार खड़े हैं लेकिन सच तो ये है कि अभी भारत में राफेल नहीं आए हैं. डील हो गई है अभी विमान बनेंगे फिर आएंगे. उनको अलग-अलग एयरबेस पर तैनात किया जाएगा. कई काम अभी बाकी हैं लेकिन बातें तो जंगल में लगी आग से भी ज्यादा तेजी से फैल रही हैं. जिस राफेल के बारे में कहा जा रहा है कि वो एशिया के सबसे ताकतवर लडाकू विमानों में से एक है.

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आपको बता दें कि उस राफेल को हिन्दुस्तान में भी खतरा है. भारतीय वायु सेना लड़ाकू विमान राफेल की सुरक्षा को लेकर चिंतित है. वायु सेना की इस चिंता की वजह  कबूतर हैं. वे कैसे हैं, उसे समझने से पहले आप ये वीडियो देख लें.

ये वाडियो 27 जुन 2019 का है. जिसे वायुसेना ने टविट् किया था. जो विमान इसमें उड़ रहा है ये है लड़ाकू विमान जैगुआर. जो दो तेल के टैंक और साथ में कुछ और समान लेकर उड़ान भरता है और अचानक हवा में एक पक्षी से टकरा जाता है विमान असंतुलित हो जाता है पायलट विमान को बचाने के लिए विमान के निचले हिस्से मे लगे Extra  फ्यूल टैंक को जमीन पर गिरा देता है ताकि विमान संतुलित हो जाए और पायलट की इस सूझ-बूझ से विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से बच जाता है लेकिन जब तेल के टैंक नीचे गिरते हैं तो जोरदार धमाका होता है आग की लपटें उठती हैं. ये अंबाला एयरबेस की घटना है और ऐसी घटना राफेल के साथ ना हो जाए, वायुसेना इस बात को लेकर चिंतित है.

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दरअसल हरियाणा के अंबाला में रफ़ाल एयरबेस के पास ढेरों कबूतर उड़ते हैं. जिनकी वजह से हमेशा एयर एक्सीडेंट का ख़तरा बना रहता है. विमान कितना भी ताकतवर हो लेकिन एक पक्षी उसे गिरा सकता है. ऐसे उदहारण कई बार देखने को मिलते हैं. अब विदेशी रफ़ाल को सेफ़ रखने के लिए एक स्वदेशी तकनीक अपनाई जा रही है. वो ये कि कबूतर प्रजनन के लिए जहां अपना घोंसला बनाते हैं, वहां 360 डिग्री एंगल पर लोहे की कंटीली झाड़ लगाई जाएगी क्योंकि कबूतर विमानों के लिए खतरा बने हुए हैं, इसी के साथ अंबाला जिला प्रशासन ने एयरबेस के आसपास कबूतर पालने वालों को भी आग्रह किया है कि वे हवाई जहाजों की सुरक्षा को ध्यान मे रखें और ऐसा ना करें.

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खैर एक बात सीखने को मिलती है कि दुनिया का ताकतवर विमान भी एक पक्षी के आगे झुक सकता है यानी कोई भी तुच्छ नहीं है, कोई छोटा बड़ा नहीं है, सबकी अपनी अपनी ताकत है.

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