अयोध्या राम जन्म भूमि एक ऐसा भूमि विवाद है जो आजाद भारत में पिछले 70 साल में विवाद का केन्द्र बना हुआ है. देश के सबसे पुराने इस केस में कुछ वैसा ही दिख रहा है जो 370 हटने से पहले कश्मीर में दिखना शुरू हुआ था. वैसे ही जवानों की तैनाती वैसे ही धारा 144 लगाना और इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि अयोध्या में कुछ बड़ा होने वाला है. वैसे ही जैसे कश्मीर में हुआ था. अचानक से 370 हटा दिया गया तो अब बात ये उठ रही है कि क्या अचानक से अयोध्या मे राम मंदिर बना दिया जाएगा. क्योंकि राम मंदिर बनाम बाबरी मस्जिद मामले मे सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला है.

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(फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या केस की आखिरी दौर की सुनवाई शुरू है. अब तक कुल 37 दिनों की बहस हो चुकी हैं. मुस्लिम पक्ष की दलील का आज अंतिम दिन है. उसके बाद दो दिन, 15 और 16 अक्टूबर को हिंदू पक्ष को जवाबी दलील देने का मौका मिलेगा. 17 अक्टूबर को बहस का समय पूरा हो जाएगा. ऐसा चीफ जस्टिस रंजन गोगोई का मानना है. क्योंकि उन्होंने ही बहस को पूरा करने की अंतिम तारीख 17 अक्तूबर की रखी है और इसके बाद मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता में जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस ए नजीर अयोध्या मामले मे फैसला सुनाएंगे. ये फैसला 17 अक्टूबर से 17 नवम्बर के बीच कभी भी आ सकता है. क्योंकि 17 नवंबर को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई रिटायर होने वाले हैं. अगर 17 नवम्बर तक फैसला नही आया तो फिर से सुनवाई होगी नई बेच बनेगी.

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नए जज आएंगे और ये केस ऐसे ही लटकता रहेगा. दरअसल चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने अयोध्या मामले को लेकर काफी सख्त रुख अपनाया हुआ है. उन्होंने 6 अगस्त के बाद लगातार सुनवाई जारी रखी है और साफ कहा था कि 17 अक्टूबर तक बहस पूरी करो उसके बाद कोर्ट 17 नवम्बर से पहले अपना फैसला सुना देगा.

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