नई दिल्ली। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सरकार को बैंक के कामकाज में दखल कम देना चाहिए। डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने कहा कि सरकार के दखल से कामकाज पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि आरबीआई को ज्यादा अधिकार मिलना चाहिए।

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने आरबीआई के कम अधिकारों को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किये। आचार्य ने कहा कि सरकारें चुनावों जैसे मुद्दों को ध्यान में रखकर टी-20 मैचों वाली सोच के साथ फैसले लेती है, जबकि आरबीआई टेस्ट मैच खेलता है। उसका इरादा भी हमेशा जीतने का रहता है, लेकिन भविष्य की चुनौतियों का भी ध्यान रखा जाता है।

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बैंक को ज्यादा स्वतंत्रता की जरूरत
  1. आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने कहा कि अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए रिजर्व बैंक को ज्यादा स्वतंत्रता देने की जरूरत है। जो सरकार केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता का सम्मान नहीं करती, उसे आर्थिक मोर्चे पर नुकसान उठाना पड़ता है।
  2. आचार्य का कहना है कि आरबीआई छोटी अवधि के फायदों की अनदेखी कर कड़े फैसले लेता है ताकि लंबी अवधि में अच्छे नतीजे मिल सकें और वित्तीय स्थिरता बनी रहे।
  3. आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने कहा कि सरकार के दखल से आरबीआई का काम प्रभावित होता है। उन्होंने केंद्रीय बैंक को दरकिनार कर अलग से पेमेंट रेग्युलेटर नियुक्त करने की सरकार की कोशिशों पर भी निशाना साधा है।
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