पूर्व आईएएस अफसर और नेता शाह फैसल को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लेकर वापस कश्मीर भेज दिया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शाह विदेश जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें एयरपोर्ट से ही सीधे कश्मीर भेज दिया. जब से जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाया गया है शाह फैसल केंद्र सरकार की आलोचना कर रहे थे.

कुछ दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि कश्मीर ‘अप्रत्याशित’ नाकेबंदी से गुजर रहा है और इसकी 80 लाख की आबादी ऐसी ‘कैद’ में है, जिसका सामना उसने पहले कभी नहीं किया.

जम्मू कश्मीर पुलिस की सुरक्षा शाखा में तैनात एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कश्मीर घाटी में असंतोष उभरने की खबरों की कड़ी निंदा की है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अधिकारी इम्तियाज हुसैन ने ट्वीट किया कि असंतोष बेचने वाले ‘मंदबुद्धि’ और मूर्ख हैं और उनसे निवेदन है कि कश्मीरियों को शांति से रहने दें.

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हुसैन ने कहा, “कश्मीर के कम-अक्ल जानकार इस बार कश्मीरियों के शव को नहीं देखकर निराशा में हैं, जैसा कि अतीत में होता रहा है. कश्मीर को पाकिस्तान और उसके कुछ भारत में रहने वाले एजेंटों के अहम को पूरा करने के लिए शव क्यों गिराने चाहिए. कृपया उन्हें जीने दीजिए.

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद वहां के हालात पर दिल्ली के प्रेस क्लब में अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज और ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव वुमेंस एसोसिएशन की सचिव कविता कृष्णन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और वहां के हालात पर चर्चा की. कश्मीर के हालात पर चर्चा करते हुए ज्यां द्रेज ने कहा कि कश्मीर के साथ धोखा हुआ है, पूरे कश्मीर को जेल बना दिया गया है.

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वहीं कविता कृष्णन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के साथ तानाशाही भरा फैसला हुआ है. इस तरह रातों रात कैसे कोई फैसला लिया जा सकता है. कविता कृष्णन ने दावा किया करीब 600 लोगों को हिरासत में रखा गया है. हर गांव से कई बच्चों को उठाया गया है, लेकिन वो कहां है इसका कुछ पता नहीं है. कविता कश्मीर से लौटकर आई हैं, उन्होंने दावा किया की कश्मीर का हालात बेहद खराब है. कविता ने कहा कि जम्मू और कश्मीर के लोग आर्टिकल 370 का विरोध कर रहे हैं.

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