मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है. इस चुनावी दंगल में बीजेपी अपने अनोखे तांव चला रही है तो वहीं कांग्रेस भी पीछे हटती हुई नज़र नहीं आ रही है. जहां एक तरफ बीजेपी ने कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में सेंध लगाई तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने भी बीजेपी को बड़ा झटका देने की तैयारी कर दी है.

शनिवार को दिल्ली में एमपी प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ की मौजूदगी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंज चौहान के साले और साधना सिंह के भाई संजय सिंह मसानी ने कांग्रेस का दामन थाम लिया.  संजय सिंह कई बार पहले भी सुर्खियों में आ चुके हैं. बता दें कि  संजय सिंह गोंदिया, महाराष्ट्र के रहने वाले हैं. संजय सिंह मसानी बालाघाट की वारासिवनी सीट पर रुचि दिखाई है. वो इस सीट पर एक्टिव भी हुए और जनता के बीच भी गए हैं.

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कांग्रेस का दामन थामते हुए संजय ने कहा कि बीजेपी में संगठन कार्यकर्ताओं को मौका नहीं दिया जा रहा है. भाजपा को 14 साल हो गए है, ये बहुत है अब प्रदेश को शिवराज की नही कमलनाथ की जरुरत है.  प्रदेश में कामदारों को अलग और नामदारों को आगे बढ़ाया जा रहा है. उम्मीद है कमलनाथ जी ने जैसे छिंदवाड़ा का विकास मॉडल दिया उसी तरह वे मध्यप्रदेश में विकास को आगे बढ़ाएगें.

मध्यप्रदेश में कमलनाथ के बाद संजय सिंह ही हैं जो मूलत: कारोबारी हैं और राजनीति भी करना चाहते हैं. संजय सिंह की बॉलीवुड में अच्छी पकड़ है. साथ ही देश के कई उद्योगपति घरानों से संजय सिंह के अच्छे संबंध हैं.

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संजय सिंह का बीजेपी को छोड़कर जाना सीधे-सीधे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की साख को पहुंची क्षति के रूप में देखा जा रहा है.

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