राम मंदिर का मुद्दा इन दिनों देश की राजनीति में काफी गरमाया हुआ है. जिसे लेकर तमाम हिंदू संगठन इस मुद्दे को लेकर सरकार को विधेयक के लिए घेर हैं तो वही सरकार के तरफ से इस पर कोई भी ठोस प्रतिक्रिया नज़र नहीं आई है. लेकिन अब इस मुद्दे को लेकर सरकार पर विपक्षी दल भी खूब हमलावार नज़र आ रहा हैं.

दरअसल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाम बदलने की राजनीति पर शिवसेना ने तंज कसते कहा कि ृ महाराष्ट्र के औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर और उस्मानाबाद का धाराशिव कब होगा. इसमें खुलताबाद और अहमदनगर भी शामिल हैं.

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शिवसेना के सामना अखबार में छपी खबर के मुताबिक. ”उन्होंने फैजाबाद का अयोध्या और इलाहबाद को प्रयागराज किया. इस पर बीजेपी के मुस्लिम नेताओं के भी नाम बदलने की टिपप्णी की उनकी सरकार के मंत्री ने की. जिस पर सभी की हंसी छूट गई.”

सीएम योगी पर हमलावर होते हुए आगे लिखा है, ”योगी के राज में इन दिनों दंगा भड़क उठा है. गोहत्या की आशंका से भड़के दंगे में एक होनहार हिंदू पुलिस अधिकारी को आहूति हेनी पड़ी. सैनिक और पुलिस वालों का धर्म नहीं होता. वे अपने कर्तव्य का पालन करते रहते हैं. उसी तरह सत्ता धारी मतलब राजा को भी अपने कर्तव्य का पालन करना होता है. राजा कालस्य कारणम् मतलब हर घटना के लिए राजा जिम्मेदार होता है.”

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सामना में आगे लिखा, ”य़ोगी ने मुगलों की निशानियों को मिटाने के लिए शहरों का नाम बदला लेकिन मूल सवाल हल करने के लिए वे तैयार नहीं हैं. उनके सामने इतिहास का प्रश्न है और जवाब भूगोल का दे रहे हैं. सवाल हैदराबाद का भाग्य कब होगा ये नहीं बल्कि अयोध्या में राम मंदिर कब बनेगा? ये है. राम का वनवास कब खत्म होगा? ये बताओ.”

सरदार पटेल के जरिए मोदी सरकार पर करारा वार करते हुए शिवसेना ने कहा कि पटेल ने पुलिस एक्शन के जरिए निजाम को घुटने टेकने को मजबूर किया था लेकिन हैदराबाद का मुस्लिम समाज आज भी निजाम के काल में तैर रहा है.https://youtu.be/tjW2NPKz61o

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