ये तस्वीरें आज पहली बार साक्षात एक हज़ार लोगों ने देखी इसके लिए खास इंतज़ाम किए गए थे.इन हज़ार लोगों के साथ ही पूरे देश के लिए ये गर्व का पल है.गर्व इसलिए क्योंकि दुनिया के लिए हमारा इसरो मिसाल बन गया है. अभी एक हफ्ता भी नहीं हुआ है जब इसरो में अंतरिक्ष में जीवीत सैटेलाइट को मार गिराकर दुनिया को चौंका दिया था और आज फिर इसरो ने वो कारनामा कर दिखाया है कि दुनिया भारत का मुंह ताक रही है .पाकिस्तान और चीन के होश उड़ गए हैं.  

अंतरिक्ष की दुनिया में इसरो ने सोमवार को एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है. वक्त सुबह 9 बजकर 27 मिनट का था और इसी वक्त पीएसएलवी नेइलेक्ट्रॉनिक इंटेलीजेंस उपग्रहएमिसैट का सफल प्रक्षेपण किया एमिसैट रक्षा अनुसंधान विकास संगठन यानी कि डीआरडीओ का उपग्रह है, जिसकी मदद से वो दुश्मन पर निनाह रखेगा एमिसैट सुरक्षा के नजरिए से भी भारत के लिए काफी अहम हैक्योंकि इससे डीआरडीओ पाकिस्तान की सीमा पर इलेक्ट्रॉनिक या किसी तरह की मानवीय गतिविधि पर नज़र रखेगा यानी बॉर्डर पर ये उपग्रह रडार और सेंसर पर निगाह रखेगा. ना सिर्फ मानवीय बल्कि संचार से जुड़ी किसी भी तरह की गतिविधि पर नज़र रखने के लिए इस उपग्रह का इस्तेमाल हो सकेगा.

एमिसैट के साथ ही पीएसएलवी रॉकेट 28 उपग्रहों को भी अपने साथ ले गया और तीन अलग-अलग कक्षाओं में इसे स्थापित किया. इन 28 उपग्रहों में 24 अमेरिका के,  दो लिथुआनिया के और एक-एक स्पेन और स्विट्जरलैंड का है.

ऐसा पहली बार हुआ है जब इसरो ने आम लोगों के लिए इस लॉन्च को खोला और करीब 1000 लोगों को इस प्रक्षेपण को लाइव दिखाया. दुनिया में अभी तक केवल  अमेरिकी एजेंसी नासा ही ऐसा करती थी.

इससे पहले 15 फरवरी 2017 को इसरो ने एक साथ सबसे ज्यादा सैटेलाइट्स लॉन्च करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया था. 30 मिनट में एक रॉकेट के जरिए 7 देशों के 104 सैटेलाइट्स एक साथ लॉन्च करके इसरो ने दुनिया को चौंका दिया था. इससे पहले ये रिकॉर्ड रूस के नाम था. उसने 2014 में एक बार में 37 सैटेलाइट्स लॉन्च किए थे.

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