सरदार वल्लभ भाई पटेल की 143वीं जयंती इस बार खास है. क्योकि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सरदार पटेल की प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ (Statue Of Unity) देश को समर्पित रहे हैं. बता दें ये प्रतिमा वडोदरा के पास नर्मदा जिले में स्थित सरदार सरोवर के केवाड़िया कॉलोनी गांव में बनाई गई है.

 

 

इस प्रतिमा की ऊंचाई 182 मीटर है और ये दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी. लेकिन क्या जानते हैं कि इस शिल्प यानी प्रतिमा के पीछे शिल्पकार कौन है? तो हम आपको बता दें कि इस विशाल प्रतिमा को बनाने वाले राम वी. सुतार. हैं. जी हाँ स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पद्मभूषण से सम्मानित 92साल के शिल्पकार राम वी. सुतार की ही कल्पना है और उन्होंने ही इस प्रतिमा को भी डिजाइन किया है. इससे पहले भी वे सैकड़ों प्रतिमाएं बना चुके हैं.

जरुर पढ़ें:  क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव, जानें हर बारीकी

 


राम वी. सुतार महाराष्ट्र के एक गांव (गोंदूर) के रहने वाले हैं. उनके पिता कारपेंटर थे और इस नाते उन्हें शिल्प कला विरासत में मिली थी. शुरुआती पढ़ाई-लिखाई गांव में ही हुई और उसी दौरानसुतार ने  शिल्पकारी सीखना शुरू किया.

Ram.V.Sutar

बता दें राम वी. सुतार ने शिल्प कला के लिए मशहूर जेजे स्कूल ऑफ आर्ट में दाखिला ले लिया और यहां तमाम बारीकियां सीखीं. साथ ही साल 1958 में वो दिल्ली आ गए. शुरुआत में कुछ दिनों तक राम वी. सुतार वोडेल्ही के इलाके लक्ष्मीनगर रहे और उसके बाद नोएडा में उन्होंने अपना खुद का एक स्टूडियो बना लिया.

Chambai Devi

 

राम वी. सुतार ने सबसे पहले 45 फ़ीट की एक मूर्ति बनाई थी। जो कि चंबाई देवी और उसके दो पुत्रो की थी ये प्रतिमा मध्य प्रदेश के गाँधी सागर डैम पर बनाई गई बता दें इस मूर्ति अनावरण करने के लिए जवाहर लाल नेहरू पहुंचे थे और उन्होंने इस मूर्ति की खूब तारीफ की थी.

जरुर पढ़ें:  दुनिया की सबसे ऊंची सरदार पटेल की मूर्ति के बारे में एक-एक जानकारी

राम वी. सुतार शुरू से ही महात्मा गांधी से प्रेरित रहे हैं. संसद भवन परिसर में लगी महात्मा गांधी की 17 फिट उंची प्रतिमा भी उन्होंने ही बनाई है. इसके अलावा पटना के गांधी मैदान, कर्नाटक विधानसभा के साथ-साथ उनकी बनाई बापू की प्रतिमा 300 से ज्यादा देशों में लग चुकी है.यही नहीं, संसद में लगी इंदिरा गांधी, मौलाना आज़ाद, जवाहरलाल नेहरू समेत 16 मूर्तियों को भी सुतार ने ही बनाया है.सुतार अब तक दुनिया भर में गांधी की साढ़े तीन सौ मूर्तियां बना चुके हैं.


सुतार को साल 2016 में सरकार ने पद्म भूषण से सम्मानित किया था. इससे पहले साल 1999 में उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया जा चूका है। राम वी सुतार के मुताबिक स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को बनाने मे चार धातुओं का प्रयोग किया गया है. जिसमें तांबे के साथ-साथ जिंक, लेड और टीन शामिल है. इससे प्रतिमा हजारों साल तक खराब नहीं होगी. इस पर धूल, धूप, बारिश व जंग का भी कोई असर नहीं होगा.

जरुर पढ़ें:  दुनिया का एक और अजूबा बनकर तैयार, 31 दिसंबर को होगा दुनिया के सामने

फिलहाल मशहूर मूर्तिकार राम वी. सुतार मुंबई के समंदर में लगने वाली शिवाजी की प्रतिमा की डिजाइन भी तैयार करने में जुटे हैं. महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि यह प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को भी पीछे छोड़ देगी और दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी. .

 

Loading...