ताजमहल में हिंदू महिलाओं ने इसलिए की पूजा!

अब तक तो राम जन्मभूमि, बाबरी मस्जिद को लेकर मामला तूल पकड़ रहा था. लेकिन अब एक और नये मामला ने विवाद की जड़ पकड़ ली है. जिसको लेकर तमाम हिंदू संगठन मैदान में कूंद पड़े हैं. नया मामला है सामने आया है मोहब्बत की निशानी ताजमहल का.

दरअसल हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के आदेश और एएसआइ की रोक के बाद भी मुस्लिम समुदाय के पांच लोगों ने ताजमहल में शुक्रवार के अलावा अन्य दिन नमाज पढकर आग में घी डालने का काम कर दिया. इसे देखकर राष्ट्रीय बजरंग दल आग बबूला हो गया और ताजमहल में नियम को तोड़कर नमाज अदा करने पर विरोध जाहिर कर दिया.

साथ ही बजरंग दल ने एक एलान भी किया जिसमें कहा कि अब ताजमहल में पूजा-अर्चना की जाएगी. और अगर ताज में मंगलवार को नमाज पढ़ने वाले लोगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन होगा.

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लेकिन अब खबर ये है कि अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद की महिलाओं ने राष्ट्रीय बजरंग दल के किए हुए एलान को साकार कर दिया है. दरअसल अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद से जुड़ी तीन महिलाओं ने ताज महल में बनी 400 साल पुरानी मस्जिद में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर डाली.

इन तीनों महिलाओं ने सबसे पहले तो ‘गंगाजल’ भी छिड़का और फिर बाकायदा ‘धूप-बत्ती’ जलाई. और इसके बाद महिलाएं ताजमहल से बाहर आ जाती है. इस पूरी घटना का विडियो सोशल मीडिया जमकर वायरल हो रहा है.

ताजमहल में पूजा-अर्चना के बाद दिल्ली तक सियासत गरमाई तो पुलिस, प्रशासन भी हरकत में आया. इस घटना पर ASI के सुपरीटेंडिंग वसंत सावरंकर ने एक्शन में आकर लोकल पुलिस को सूचना दे दी है और CISF से भी CCTV फुटेज सौंपने को कहा है, ताकि इस दावे की सही पुष्टि की जा सके. अगर सीसीटीवी फुटेज से इस घटना की पुष्टि हो जाती है, तो इन हिंदू कार्यकर्ताओं के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा.

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तो वहीं राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष गोविंद पाराशर का कहना है कि अगर महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई तो राष्ट्रीय बजरंग दल आंदोलन करेगा. यदि प्रशासन को कार्रवाई करनी है तो पहले उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे जिन्होंने नियमों को तोड़कर वहां नमाज अदा की थी. उन्होने आगे कहा कि हमने तो केवल ताज में आरती करने की घोषणा की थी इस पर ही जेल में डाल दिया था. नमाज पढ़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई.

अब सवाल ये है कि जब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में केन्द्र सरकार की ओर से साफ कहा ये ताजमहल ही है जिसे शाहजहां ने बनवाया था. फिर पूजा अर्चना की बात कहां से आ जाती है. और साथ ही जब कोर्ट ने आदेश दिया है कि ताजमहल में जुमे को छोड़कर किसी और दिन नमाज नहीं होगी तो फिर कोर्ट के आदेश की धज्जीयां क्यों उड़ाई जा रही हैं.

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